'Screen tourism' is gaining momentum; creating reels and taking photos have become travel trends. पसंदीदा फिल्मों, वेब सीरीज या टीवी शोज की शूटिंग लोकेशनों (फिल्मांकन स्थलों) को देखने के लिए यात्रा का प्लान बनाना और सिर्फ जगह देखना नहीं, बल्कि उस किरदार की तरह जीना, उसी कैफे में जाना, रील बनाना और तस्वीरें खींचना अब ट्रैवल ट्रेंड बनता जा रहा है।
‘Screen tourism’: पसंदीदा फिल्मों, वेब सीरीज या टीवी शोज की शूटिंग लोकेशनों (फिल्मांकन स्थलों) को देखने के लिए यात्रा का प्लान बनाना और सिर्फ जगह देखना नहीं, बल्कि उस किरदार की तरह जीना, उसी कैफे में जाना, रील बनाना और तस्वीरें खींचना अब ट्रैवल ट्रेंड बनता जा रहा है। सेट-जेटिंग (Set-Jetting), जिसे ‘फिल्म टूरिज्म’ या ‘स्क्रीन टूरिज्म’ भी कहा जाता है, वर्तमान समय का एक बेहद लोकप्रिय ट्रैवल ट्रेंड है। किसी फिल्म का खूबसूरत शहर, सीरीज का कैफे या किरदार की पसंदीदा लोकेशन अब घूमने की वजह बन रही है। यानी फिल्मों ने ट्रैवल गाइड की भूमिका भी अपना ली है।
फिल्मों को लेकर हर दशक में दर्शकों की अपनी खास प्रतिक्रिया होती है। कुछ दर्शक किरदार में उतार लेते हैं और जीने लगते है। आजकल Gen Z के लिए ‘स्क्रीन ट्रैवल गाइड बन गई है।
सेट-जेटिंग का मतलब है फिल्मों, वेब सीरीज या टीवी शोज में दिखाई गई जगहों से इम्प्रेस होकर वहां घूमने का प्लान बनाना। यानी जगह चुनने के लिए अब सिर्फ ट्रैवल गाइड, ब्लॉग या टूरिस्ट की लिस्ट पर निर्भर रहना जरूरी नहीं। कई बार एक पसंदीदा शो भी अगली ट्रिप का आइडिया दे देता है।
द स्टेट्समैन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक्सपीडिया के अनपैक ’26 ट्रैवल रिपोर्ट में सामने आया कि 81% जेन जी और मिलेनियल ट्रैवलर्स फिल्मों और टीवी शोज में दिखाई गई जगहों के आधार पर घूमना प्लान करते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 53% ग्लोबल ट्रैवलर्स (Global Travelers) ने पिछले एक साल में सेट- जेटिंग में अपनी दिलचस्पी बढ़ने की बात कही है।
भारत के लिए यह कोई नया व्यवहार नहीं है। बॉलीवुड फिल्मों (जैसे ‘दिल चाहता है’ के बाद गोवा की ट्रिप या ‘3 इडियट्स’ के बाद लद्दाख की पैंगोंग झील) ने दशकों पहले ही देश में सेट-जेटिंग की मजबूत नींव रख दी थी।