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कांग्रेस दफ्तर में अजय राय और ममता चौधरी भिड़े, समर्थकों के बीच जूते चले: प्रमोद तीवारी ने हाथ जोड़े, राहुल से फोन पर बात हुई

By Harsh 
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डिजिटल पर्दाफाश।  लखनऊ स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में रविवार को पार्टी के नए नेतृत्व के पदभार ग्रहण कार्यक्रम के दौरान जमकर हंगामा हुआ। आराधना मिश्रा मोना और कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद के कार्यभार संभालने के बीच नेताओं के समर्थक आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते मामला धक्का-मुक्की से जूते-चप्पल चलने तक पहुंच गया, इसके बाद भी आपस खूब देर तक गाली गलौज होती रही।  करीब आधे घंटे तक चले विवाद ने कांग्रेस कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बना दिया।

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ममता चौधरी की टिप्पणी से बिगड़ा माहौल

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार विवाद की शुरुआत पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के कार्यक्रम में पहुंचने के दौरान हुई। खबरों के मुताबिक कांग्रेस पार्षद ममता चौधरी ने उन्हें देखकर कहा तुम्हारी श​क्ल नहीं देखनी, यहां से चले जाओ। इस पर अजय राय ने पलटकर जवाब दिया ‘औकात में रहो’। इसी बीच उनके एक समर्थक ने जूता निकाल लिया और दोनों पक्षों के लोगों के बीच झड़प शुरू हो गई।

हंगामा बढ़ने पर अजय राय पार्टी कार्यालय में ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ बदसलूकी की गई। स्थिति को संभालने के लिए राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी और इमरान मसूद मौके पर पहुंचे। प्रमोद तिवारी ने अजय राय को मनाने की कोशिश की और उनके सामने हाथ भी जोड़ा, जबकि इमरान मसूद ने भी उनसे बातचीत की।

प्रमोद तीवारी अजय रॉय को मना रहे थे, अजय ने कहा मुझे गाली दी गई

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राहुल गांधी से बातचीत के बाद धरना खत्म

धरने के दौरान अजय राय की राहुल गांधी से फोन पर बात हुई। इसके बाद वह धरने से उठे और कार्यालय से चले गए। सूत्रों के मुताबिक अजय राय ने ममता चौधरी को पार्टी से बाहर करने की मांग भी उठाई थी। हालांकि इस मांग पर पार्टी नेतृत्व की ओर से किसी अंतिम फैसले की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

अजय राय और ममता चौधरी के बीच पहले से तनाव होने की बात भी सामने आई है। बताया जाता है कि 2023 में दोनों के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद अजय राय ने ममता के पार्टी कार्यालय आने पर रोक लगाने की बात कही थी। ममता चौधरी लखनऊ के मालवीय नगर की पार्षद हैं और उन्हें आराधना मिश्रा मोना का करीबी माना जाता है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में नहीं पहुंचे अजय राय

पदभार ग्रहण कार्यक्रम के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में अजय राय शामिल नहीं हुए। इस बारे में सवाल पूछे जाने पर इमरान मसूद ने उनका बचाव किया। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होने की परंपरा नहीं रही है और पार्टी कार्यालय में उनसे कार्यभार ले लिया गया है। इमरान मसूद ने कहा कि पार्टी ने उन पर भरोसा जताया है और वह इस जिम्मेदारी पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। उन्होंने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन करने का भरोसा जताया।

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प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेतृत्व में हुए बदलाव के बीच यह घटनाक्रम पार्टी के लिए असहज स्थिति पैदा करने वाला है। नए नेतृत्व के सामने संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ अंदरूनी मतभेदों को संभालने की चुनौती भी रहेगी।

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