चंडीगढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मंच साझा करने और बातचीत की तस्वीरें सामने आने के बाद कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में आ गए। सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे कि आखिर विपक्ष के वरिष्ठ नेता पीएम के साथ क्यों नजर आए। अब तिवारी ने खुद इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया दी है।
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उन्होंने एक्स पर लिखा कि उनके लिए हमेशा राजनीति से पहले जनता और क्षेत्र का विकास रहा है। उन्होंने कहा, मैंने हमेशा विकास को पार्टी की राजनीति से ऊपर रखा है और आगे भी यही करता रहूंगा, चाहे लोग कुछ भी सोचें। मनीष तिवारी ने याद दिलाया कि यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने किसी सरकारी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के साथ मंच साझा किया हो। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में न्यू चंडीगढ़ स्थित होमी भाभा कैंसर अस्पताल के उद्घाटन के दौरान भी वह मौजूद थे क्योंकि ऐसी परियोजनाएं लोगों के हित से जुड़ी होती हैं।
I have always endeavoured to keep the imperatives of development above partisan politics.
On 24 th August 2022 when @PMOIndia came to inaugurate the Dr Homi Bhabha Cancer Hospital and Research Centre ( Tata Memorial Centre ) situated in New Chandigarh as MP from Sri Anandpur… pic.twitter.com/IkwIcVItj1
— Manish Tewari (@ManishTewari) July 18, 2026
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उन्होंने यह भी कहा कि आज की राजनीति पहले के मुकाबले ज्यादा कटु हो गई है जहां राजनीतिक विरोधियों को दुश्मन की तरह देखा जाने लगा है। उनका मानना है कि लोकतंत्र में मतभेद अपनी जगह हैं लेकिन जनहित और शिष्टाचार हमेशा सर्वोपरि होने चाहिए।
बता दें कि 17 जुलाई को चंडीगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने 4,700 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया था। कार्यक्रम के बाद मनीष तिवारी को प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा से बातचीत करते देखा गया जिसके बाद इस मुलाकात को लेकर सियासी अटकलें तेज हो गईं , हो भी क्यों ना 2027 में पंजाब में विधानसभा चुनाव है। लेकिन, मनीष तीवारी ने अपनी बात सोशल मीडिया में शेयर कर सारी अटकलों में पूर्ण विराम लगा दिया है।