March Ekadashi 2025 Date : सनातन धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है। मान्यता ळै कि एकादशी का उपवास रखने और पूजा करने वालें भक्तों पर लक्ष्मी माता और विष्णु जी की विशेष कृपा बरसती है। प्रत्येक एकादशी व्रत को अलग-अलग नामों से जाना जाता है।
पढ़ें :- Sawan First Somwar 2026 : फलाहार में घोलें स्वाद और मिठास, बनाएं ये स्वादिष्ट फ्रूट व्यंजन
मार्च 2025 एकादशी व्रत तिथियां
आमलकी एकादशी व्रत- 10 मार्च 2025
पापमोचिनी एकादशी व्रत- 25 मार्च 2025
1. आमलकी एकादशी व्रत 2025
फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी को आमलकी एकादशी के रूप में जाना जाता है। पंचांग के अनुसार, फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का आरंभ 9 मार्च 2025 को सुबह 7 बजकर 45 मिनट पर होगा। एकादशी तिथि का समापन 10 मार्च को सुबह 7 बजकर 44 मिनट पर होगा। आमलकी एकादशी व्रत का पारण 11 मार्च 2025 को किया जाएगा।
2. पापमोचिनी एकादशी व्रत 2025
पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि की प्रारंभ 25 मार्च को सुबह 5 बजकर 5 मिनट पर होगा और समाप्त 26 मार्च को सुबह 3 बजकर 45 मिनट पर होगा। पापमोचिनी एकादशी व्रत का पारण 26 मार्च को किया जाएगा। पारण के लिए उत्तम समय दोपहर 1 बजकर 58 मिनट से शाम 4 बजकर 24 मिनट के बीच रहेगा।
पूजा विधि
1.इस दिन पीले रंग के वस्त्र पहनना शुभ होता है। मान्यतानुसार पीला रंग श्रीहरि (Lord Vishnu) का प्रिय रंग होता है।
2.आमलकी एकादशी के दिन आंवले के वृक्ष की पूजा करना भी शुभ होता है।
3.भगवान को पीले रंग के फूलों की माला चढ़ाई जाती है और तिलक किया जाता है। तिलक चंदन से करते हैं।
4.पूजा में तुलसी के पत्ते भी श्रीहरि को समर्पित किए जाते हैं।
5.विष्णु भगवान को पंचामृत चढ़ाया जाता है और साथ ही भोग में मखाने की खीर और मिठाई शामिल करते हैं।