Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने मोहम्मद शमी और टीम इंडिया को दी जीत की बधाई, रोजा रखने को लेकर कही ये बात

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने मोहम्मद शमी और टीम इंडिया को दी जीत की बधाई, रोजा रखने को लेकर कही ये बात

By Abhimanyu 
Updated Date

India won the title of ICC Champions Trophy 2025: तीसरी बार आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के खिताब जीतने के बाद टीम इंडिया के खिलाड़ियों को देश भर से बधाईयां मिल रही हैं। इस कड़ी में रोजा न रखने पर तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की आलोचना करने वाले मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी की भी प्रतिक्रिया सामने आयी है। मौलाना ने टीम इंडिया और मोहम्मद शमी को जीत की बधाई दी है। हालांकि, वह इस दौरान शमी को रमजान में रोजा रखने की सलाह देना नहीं भूले।

पढ़ें :- IND vs SL Test Live : भारत की दूसरी पारी 193 रनों पर सिमटी, श्रीलंका को मिला 372 रन का विशाल लक्ष्य

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा, “मैं टीम इंडिया की सफलता पर कप्तान, सभी खिलाड़ियों और मोहम्मद शमी साहब को बधाई देना चाहता हूं। मैं उन्हें दिल से बधाई देता हूं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘मैं मोहम्मद शमी साहब को यह भी सलाह देना चाहता हूं कि रमजान के महीने के बाद उन्होंने जो रोजे नहीं रखे थे, उनकी भरपाई करें।” इससे पहले सेमी-फाइनल मैच के दौरान शमी के एनर्जी ड्रिंक पीने और रोजा न रखने को लेकर मौलाना शहाबुद्दीन ने उनकी आलोचना की थी। इस दौरान मौलाना ने शमी को अपराधी तक कह दिया था। हालांकि, शमी का समर्थन करते हुए कई जानी-मानी हस्तियों ने मौलाना की कड़े शब्दों में आलोचना की थी।

पढ़ें :- उत्तर प्रदेश: 59 साल पुरानी मस्जिद-मदरसे पर चला बुलडोजर, पुलिस और सपाइयों के बीच हुई गहमा-ग​हमी, 6 बुलडोजर...

क्या कहा था मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने? 

शमी के रोजा न रखने और चैंपियंस ट्रॉफी 2025 सेमी-फाइनल मैच के दौरान एनर्जी ड्रिंक पीते हुए वीडियो सामने आने के बाद मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने एक वीडियो में कहा था, ‘शरीयत के नियमों का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है। इस्लाम में रोजा रखना फर्ज है। अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर रोजा नहीं रखता, तो वह इस्लामिक कानून के अनुसार गुनहगार माना जाता है। क्रिकेट खेलना बुरा नहीं है, लेकिन धार्मिक जिम्मेदारियों को भी निभाना चाहिए। मैं हिदायत देता हूं कि शमी शरीयत के नियमों का पालन करें और अपने धर्म के प्रति जिम्मेदार बनें।’

Advertisement