नेपाल सड़क हादसा: 9 एंबुलेंस से घायलों को गोरखपुर भेजा गया, मां-बेटी का नेपाल में पोस्टमार्टम; प्रशासन पूरी रात अलर्ट
पर्दाफाश न्यूज़ ब्यूरो महराजगंज :: नेपाल के प्यूठान जिले में गुरुवार को हुए सड़क हादसे में घायल महराजगंज के तीर्थयात्रियों को सुरक्षित लाने के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में रहा। गुरुवार शाम से लेकर देर रात तक सोनौली सीमा एंबुलेंस के सायरन से गूंजती रही। शुक्रवार की भोर में 9 एंबुलेंस के जरिए सभी घायलों को बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
हादसे में मृत तीन वर्षीय काव्या और उसकी मां 30 वर्षीय निर्मला मौर्या के शवों का पोस्टमार्टम नेपाल में ही कराया गया। प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के साथ घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं।
डीएम संतोष कुमार शर्मा ने बताया कि घायलों को बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया है और प्रशासनिक टीम हर स्तर पर समन्वय कर रही है। एडीएम डॉ. प्रशांत कुमार गुरुवार शाम से ही सोनौली में कैंप कर व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे।
बताया गया कि भिटौली के सेमरा राजा और पनियरा के सुखदेवपुर गांव के 21 तीर्थयात्री नेपाल के स्वर्गद्वारी मंदिर दर्शन के लिए जा रहे थे। इसी दौरान प्यूठान जिले में वाहन अनियंत्रित होकर करीब 30 फीट गहरी खाई में गिर गया। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 19 यात्री घायल हो गए। इनमें से पांच घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि 14 गंभीर घायलों को गोरखपुर रेफर किया गया है।
घायलों को सोनौली सीमा से एसडीएम फरेंदा द्वारा रिसीव कर सीधे मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। वहीं, नौतनवा प्रशासन की टीम पूरी रात सीमा पर तैनात रही। एसडीएम नौतनवा नवीन प्रसाद एंबुलेंस के साथ बुटवल पहुंचे और तड़के करीब चार बजे घायलों को लेकर सीमा तक आए, जहां से उन्हें आगे इलाज के लिए भेजा गया।
सीएमओ डॉ. नवनाथ प्रसाद स्वास्थ्य टीम के साथ पूरी रात सोनौली बॉर्डर पर डटे रहे। उन्होंने बताया कि ट्रॉमा सेंटर और मेडिकल टीम को अलर्ट रखा गया है। मृतकों के शवों को आवश्यक कार्रवाई के बाद भारत लाया जाएगा।
इस घटना के बाद जिले में शोक का माहौल है, वहीं प्रशासन राहत और उपचार व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है।