मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो समाज की पारंपरिक सोच को चुनौती देती है और एक पिता के प्यार की मिसाल पेश करती है। शास्त्री नगर इलाके में एक रिटायर्ड जज ने अपनी बेटी के तलाक के बाद उसका ऐसा स्वागत किया, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। अब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
पढ़ें :- हॉकी इंडिया की जर्सी का रंग भगवा करने पर भड़की प्रियंका गांधी, बोलीं- आज युवा को पता चल गया है RSS-BJP की नीयत क्या है?
यूपी –
मेरठ में शादी के 7 साल बाद प्रणिता शर्मा का मेजर गौरव अग्निहोत्री से तलाक हो गया। तलाक के बाद बेटी अपने घर आई तो ढोल–नगाड़े बजे। बेटी के साथ घरवाले नाचते हुए कोर्ट से घर तक आए। सबने एक जैसी टीशर्ट पहनी थी। जिस पर लिखा था– "I Love My Daughter".पिता रिटायर जज हैं,… pic.twitter.com/KUwBSgitAH
— Sachin Gupta (@Sachingupta) April 5, 2026
पढ़ें :- Ramayana Trailer : 'रामायण' का ट्रेलर रिलीज, रणबीर कपूर के ओजस्वी आभामंडल तो यश के रावण अवतार ने दर्शकों के उड़ाए होश
दरअसल, प्रतीक्षा की शादी साल 2018 में शाहजहांपुर निवासी मेजर गौरव अग्निहोत्री के साथ हुई थी। शादी के बाद एक बेटा भी हुआ, लेकिन समय के साथ रिश्ते में तनाव बढ़ता गया। ससुराल में प्रताड़ना और आपसी मतभेदों के चलते मामला अदालत तक पहुंच गया। कई सालों तक चली कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार 4 अप्रैल 2026 को दोनों का तलाक हो गया।
आम तौर पर तलाक को समाज में असफलता के रूप में देखा जाता है, लेकिन इस पिता ने इसे अपनी बेटी की “नई शुरुआत” मानते हुए एक अलग उदाहरण पेश किया। जैसे ही प्रतीक्षा अपने मायके लौटीं, उनका स्वागत किसी त्योहार से कम नहीं था। ढोल-नगाड़ों की गूंज, फूलों की बारिश, मिठाइयां और खुशी से झूमता परिवार—हर पल खास बना हुआ था।
इस दौरान पिता और सभी परिवारजनों ने एक काली टी-शर्ट पहन रखी थी, जिस पर बड़े अक्षरों में लिखा था—“I Love My Bitiya”। उन्होंने साफ कहा कि बेटी कभी बोझ नहीं होती, बल्कि परिवार का अभिन्न हिस्सा होती है। उनका मानना है कि अगर बेटी किसी रिश्ते में खुश नहीं है, तो उसे वहां जबरदस्ती नहीं रोका जाना चाहिए।
पिता ने बताया कि उनकी बेटी ने छह साल तक काफी कुछ सहा और मानसिक रूप से टूट चुकी थी। ऐसे में उनका कर्तव्य था कि वह उसका साथ दें और उसे यह एहसास कराएं कि उसका घर हमेशा उसके लिए खुला है। इस अनोखे स्वागत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग पिता के इस कदम की जमकर सराहना कर रहे हैं। कई यूजर्स इसे समाज के लिए एक मजबूत संदेश बता रहे हैं—कि बेटियां बोझ नहीं, बल्कि सम्मान और बराबरी की हकदार हैं। प्रतीक्षा की जिंदगी का यह नया अध्याय सिर्फ एक व्यक्तिगत कहानी नहीं, बल्कि उन तमाम बेटियों के लिए उम्मीद की किरण है, जो समाज के डर से अपनी खुशियों से समझौता कर लेती हैं।