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Nanda Devi Roopkund Himalaya : ‘देवभूमि की अधिष्ठात्री देवी मां नंदा ने रूप कुंड में देखा था अपना प्रतिबिंब , जानें रहस्यमयी झील की कहानी

By अनूप कुमार 
Updated Date

Nanda Devi Roopkund Himalaya : हिमालय पर्वत पौराणिक चमत्कारों और देवी देवताओं की कथाओं का केंद्र है। भगवान शिव का निवास भी कैलाश पर्वत पर स्थित है। कैलाश के रास्ते में पवित्र रूप कुंड (Roopkund), स्थित है जो एक रहस्यमयी झील है, उससे जुड़ी हुई पौराणिक आस्था भी काफी गहरी हैं।

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रूप कुंड के पौराणिक देवता
रूप कुंड का संबंध मुख्य रूप से नंदा देवी से माना जाता है। नंदा देवी को हिमालय की रक्षक देवी माना जाता है। स्थानीय लोककथाओं और मान्यताओं के अनुसार, वे केवल एक पर्वत शिखर नहीं, बल्कि एक जीवंत देवी हैं जो इस पवित्र भूभाग की रक्षा करती हैं

प्रमुख पौराणिक देवतानंदा देवी (माता पार्वती)
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, नंदा देवी हिमालय की पुत्री और गढ़वाल व कुमाऊं क्षेत्र की अधिष्ठात्री देवी हैं। नंदा देवी को भगवान शिव की अर्धांगिनी माता पार्वती का ही एक रूप माना जाता है। उन्हें ‘हिमालय की पुत्री’ और ‘देवभूमि की अधिष्ठात्री देवी’ के रूप में पूजा जाता है।

कैलाश पर्वत
रूपकुंड उनके ‘ससुराल’ यानी कैलाश पर्वत के पवित्र मार्ग पर स्थित है।

झील का नाम ‘रूपकुंड’ इसलिए पड़ा क्योंकि देवी ने इसकी स्वच्छ जलधारा में अपना रूप (प्रतिबिंब) देखा था।

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भगवान शिव
उन्हें इस कुंड का निर्माता माना जाता है। लोककथाओं के अनुसार, कैलाश जाते समय जब देवी प्यासी थीं, तब शिवजी ने अपने त्रिशूल से जमीन पर प्रहार कर यह जल स्रोत उत्पन्न किया था।

रूपकुंड के पास ही त्रिशूल पर्वत स्थित है, जिसे शिव के त्रिशूल का प्रतीक माना जाता है।

लाटू देवता
इन्हें नंदा देवी का धर्म-भाई और वाण गाँव का रक्षक माना जाता है। लाटू देवता का मंदिर वाण में स्थित है और वे नंदा देवी राजजात यात्रा के दौरान उनके रक्षक के रूप में चलते हैं।

कालू विनायक (भगवान गणेश)
रूपकुंड के रास्ते में कालू विनायक दर्रा पड़ता है। माना जाता है कि जब देवी पार्वती कुंड में स्नान कर रही थीं, तब भगवान गणेश (विनायक) यहीं खड़े होकर पहरा दे रहे थे।

कथा
माना जाता है कि यह क्षेत्र नंदा देवी राजजात यात्रा का मार्ग है, जो उत्तराखंड की सबसे पवित्र यात्राओं में से एक है।

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धार्मिक महत्व

स्थानीय लोग आज भी इस क्षेत्र को पवित्र मानते हैं और यात्रा के दौरान विशेष नियमों का पालन करते हैं।

 

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