ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष नेहा बोरा (Neha Bora) ने कहा कि नतो वह और न ही उनका छात्र संगठन दिल्ली पुलिस के तरफ से मांगे गए 'पीस बॉन्ड' (Peace Bond) पर साइन करेगा। उन्होंने कहा कि वह इस नोटिस को आगे चुनौती देंगी। नेहा बोरा का यह बयान दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) से याचिका खारिज होने के एक दिन बाद आया है।
नई दिल्ली। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष नेहा बोरा (Neha Bora) ने कहा कि नतो वह और न ही उनका छात्र संगठन दिल्ली पुलिस के तरफ से मांगे गए ‘पीस बॉन्ड’ (Peace Bond) पर साइन करेगा। उन्होंने कहा कि वह इस नोटिस को आगे चुनौती देंगी। नेहा बोरा का यह बयान दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) से याचिका खारिज होने के एक दिन बाद आया है। आईसा अध्यक्ष नेहा बोरा (Neha Bora) ने कहा कि पीस बॉन्ड (Peace Bond) उनके संवैधानिक अधिकार को छीन रहा है, इसलिए उसे साइन नहीं करेंगी। नेहा ने कहा कि देश में कहीं भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के दौरान लोगों को रोकने के लिए इस पीस बॉन्ड का इस्तेमाल किया जाएगा।
What is peace according to the Police? Asks Neha Bora. https://t.co/JwxDwW9Jrf
— Neha Bora Team (@NehaAisa) October 24, 2026
इसके अलावा, नेहा बोरा (Neha Bora) ने कहा,कि जब इस डेमोक्रेसी में हमारे वोट देने का अधिकार छीन लिया गया, तो हम सड़कों पर उतर आए। आपने वो सारे प्रदर्शन देखे। आपने देखा कि नारे लगाने और बैनर लेकर चलने के अलावा लोगों ने ऐसा कुछ नहीं किया जिसे अलोकतांत्रिक कहा जा सके। जो भी प्रदर्शन और मार्च हुए, वे सभी लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण थे। अगर इस पूरे प्रोसेस के दौरान हमने कहीं भी हिंसा देखी, तो वह पुलिस की तरफ से थी।
What is peace according to the Police? Asks Neha Bora. https://t.co/JwxDwW9Jrf
— Neha Bora Team (@NehaAisa) October 24, 2026
नेहा बोरा ने आगे कहा कि प्रदर्शन को संभालने के लिए तैनात सिक्योरिटी वालों ने उन्हें मैनेज करने और लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखने के बजाय लाठियों और डंडों का इस्तेमाल किया। महिलाओं के कपड़े फाड़े गए। आप पत्रकार और मीडिया के लोग भी इस पूरे प्रोसेस के दौरान पुलिस और दूसरे सिक्योरिटी वालों के हाथों हुई हिंसा से अच्छी तरह वाकिफ हैं।
Are more than 50 right wing goons threatening with violence right outside the mandir marg police station not a “breach of peace” for the Delhi Police?
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This hooliganism is being enabled while peaceful protestors are being framed as disruptors in the imagination of the people. https://t.co/YdRRpqKHhP
— Neha Bora Team (@NehaAisa) October 24, 2026
दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज कर दी थी याचिका
बता दें कि 16 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान नेहा बोरा को दिल्ली के मंडी हाउस इलाके में हिरासत में लिया गया था। हिरासत में लिए जाने के बाद नेहा बोरा को एक नोटिस मिला था जिसमें जांच के दौरान शांति बनाए रखने के लिए एक जमानतदार के साथ 10000 रुपये का ‘पर्सनल बॉन्ड’ भरने को कहा गया था। नेहा बोरा ने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट द्वारा जारी किए गए इस नोटिस को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। हालांकि, कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद ने आदेश सुनाते हुए कहा कि स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट को निर्देश दिया कि वे जांच की प्रक्रिया शुरू करने से पहले पूरी सावधानी बरतें और नेहा बोरा को सभी संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराएं।