न्यू बॉर्न बेबी को खास ख्याल रखने की जरुरत होती है। बेबी के लिए किसी भी प्रोडक्ट या चीज का चुनाव बहुत सोच समझ करने की जरुरत होती है। ऐसे ही न्यू बॉर्न बेबी को लगाए जाने वाले शैंपू,साबुन, तेल यहां तक की पाउडर भी उसकी स्किन के हिसाब से इस्तेमाल किया जाता है। डाइपर बदलने के बाद या नहलाने के बाद बच्चे की स्किन पर पाउडर लगाया जाता है।
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बेबी पाउडर के इस्तेमाल से बच्चे के शरीर से बहुत अच्छी खुशबू तो आती है लेकिन यह टैल्कम पाउडर शरीर के लिए सही नहीं है। यह पाउडर शिशु की त्वचा पर डायरेक्ट नहीं लगाना चाहिए। इसलिए अगर आप बच्चे को पाउडर लगाती है तो थोड़ी सावधानी बरतें। टैल्कम पाउडर से शिशु के शरीर बहुत अच्छी खुशबू आती है, लेकिन क्या आपको पता है इसे किस तरीके से बनाया जाता है?
दरअसल, टैल्कम पाउडर मैग्नीशियम, सिलिकॉन और ऑक्सीजन होता है. यह मॉइस्चर को अवशोषित कर त्वचा में नहीं रगड़ना चाहिए. ऐसा करने से शरीर में होने वाले रैशेज ठीक हो जाते हैं. कई बार बेबी पाउडर टैल्क नहीं होता है. इसलिए इसे खरीदने से पहले इसका लेबल जरूर चेक कर लें।
‘अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स’ के मुताबिक शिशुओं को बेबी पाउडर लगाने की जरूरत नहीं है। कई रिसर्च में यह बात सामने आ चुकी है कि शिशु को पाउडर लगाने से शिशु की सांस के जरिए उनके फेफड़ों में चला जाता है। जिसके कारण फेफड़ों को गंभीर नुकसान होने लगता है। इसके कारण सांस लेने में दिक्कत, दम घुटने और मौत का खतरा भी बढ़ता है।
बच्चों पर पाउडर लगाते समय रखें इन बातों का ध्यान
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बच्चों को पाउडर लगाते समय ध्यान रहे कि कभी भी पाउडर का डिब्बे से न छिड़के। पाउडर लगाते वक्त उसका डब्बा शिशु के एकदम दूर रखें। क्योंकि सांस के जरिए वह शिशु के फेफड़ें तक जा सकता है। बच्चो को पाउडर लगाने से पहले हाथ पर थोड़ा सा पाउडर निकालें और इससे हल्का-हल्का शिशु की स्किन पर थपथपाएं। फिर उसे फैलाएं। शिशु के चेहरे पर पाउडर का इस्तेमाल न करें। क्योंकि इससे उनकी त्वचा काली पड़ सकती है।