नई दिल्ली। देश की राजधानी में पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर सियासत गर्म है। जंतर मंतर पर हो रहे छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच विपक्ष भी सरकार को चौतरफा घेरने में जुट गया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन के सांसद एकजुट होकर गांधी स्मृति पहुंचे। राहुल गांधी विपक्षी सांसदों के साथ बस में सवार होकर निकले। इस दौरान विपक्षी दल के सभी सांसद मौजूद रहे।
पढ़ें :- 'बैग में 50 ग्राम ड्रग्स रखकर बर्बाद कर दूंगा जिंदगी', छात्रों को धमकाता दिखा पुलिसकर्मी, Video Viral हुआ तो गिरी गाज
विपक्षी सांसदों के घर से निकलने के दौरान वहां पर स्थिति काफी तनावपूर्ण देखने को मिली थी। राहुल गांधी के आवास के बाहर दिल्ली पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी और बस को आगे बढ़ने से रोक दिया। कुछ मिनट तक चली बातचीत के बाद पुलिस ने रास्ता खोल दिया, जिसके बाद विपक्षी नेताओं का काफिला गांधी स्मृति के लिए रवाना हो गया।
No one can stop us from standing with the students of India.
भारत के छात्रों के साथ खड़े होने से हमें कोई नहीं रोक सकता। pic.twitter.com/ALypCpklbX
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 23, 2026
पढ़ें :- दिल्ली मेट्रो स्टेशन बंद होने पर अभिजीत दीपके, बोले- पीएम मोदी पूरी दिल्ली बंद करने को तैयार , लेकिन धर्मेंद्र प्रधान को हटाने को नहीं
इसके बाद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्र अपने भविष्य को लेकर सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं, ऐसे में विपक्ष का कर्तव्य है कि वह उनके साथ खड़ा रहे। उन्होंने कहा, ‘हम पहले इंडिया गेट जाना चाहते थे, लेकिन हमें अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद हमने गांधी स्मृति जाने का फैसला किया, वहां भी हमें कुछ देर रोका गया। हमारा सबसे बड़ा संदेश देश के छात्रों के लिए है कि हम आपके साथ हैं और आपकी आवाज संसद से लेकर सड़क तक उठाएंगे।’
वहीं, इस मौके पर प्रियंका गांधी ने कहा कि, हम सरकार को ये संदेश देने आए हैं कि इसी देश में महात्मा गांधी जी ने किसानों और गरीबों के साथ मिलकर एक आंदोलन किया था, उसमें किसी पर भी हाथ नहीं उठा था। लेकिन आज उसी देश में बच्चों को मोदी सरकार सिर्फ इसलिए पीट रही है, क्योंकि वो अपना अधिकार मांग रहे हैं। सभी को दिख रहा है कि छात्रों के साथ कितना गलत हो रहा है। लोकतंत्र के लिए महात्मा गांधी जी शहीद हुए और तमाम लोग आजादी के लिए लड़ते हुए शहीद हुए। आज उसी देश में वो लोकतंत्र खत्म किया जा रहा है। क्या वे इसलिए शहीद हुए कि उनके बच्चों को पीटा जाए, सिर्फ इसलिए क्योंकि उनके पेपर लीक हो रहे हैं और जिस पर वे जवाबदेही मांग रहे हैं।