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Pakistan Mountaineering Expeditions : पर्वतारोहियों की मौत के बाद भी बेपरवाह है पाकिस्तान , अभियानों के लिए नहीं जारी किया चेतावनी

By अनूप कुमार 
Updated Date

Pakistan Mountaineering Expeditions :  पाकिस्तान पर्वतारोहण अभियानों को लेकर वेपरवाह रवैैया अपना रहा है। हाल ही में पर्वतारोहियों की मौत के बावजूद पाकिस्तान ने उत्तर में पर्वतारोहण अभियानों के लिए कोई चेतावनी या प्रतिबंध जारी नहीं किया है। एक अधिकारी ने इसे लेकर बयान दिया है। अधिकारी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में यहां पर्वतारोहियों की मौत हुई है।

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पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र (Gilgit-Baltistan region) की सरकार के प्रवक्ता फैजुल्लाह फराक ने कहा कि पर्वतारोही खराब मौसम (Climbers face bad weather) और अन्य सभी जोखिमों, चुनौतियों से अच्छी तरह वाकिफ थे। इस क्षेत्र में दुनिया के कुछ सबसे ऊंचे पहाड़ हैं। फाराक ने कहा, “इसके बावजूद, वो स्वेच्छा से इन चुनौतियों को स्वीकार करते हैं और इन शिखरों पर चढ़ने के लिए यहां आते हैं।”

चीनी पर्वतारोही गुआन जिंग (37) पाकिस्तान के एक पर्वत पर मृत पाई गईं। पिछले मंगलवार को दुनिया की दूसरी सबसे ऊँची चोटी K2 पर गिरती चट्टानों की चपेट में आने से उनकी मृत्यु हो गई। K2 अपनी दुर्गम ढलानों और चरम मौसम के लिए जाना जाता है। बचाव दल ने शनिवार को उनका शव बरामद किया।

रविवार को उनका पार्थिव शरीर स्कार्दू के संयुक्त सैन्य अस्पताल (Combined Military Hospital Skardu) के शवगृह में ही रखा था। फ़ाराक ने कहा कि इस्लामाबाद में चीनी अधिकारियों से संपर्क किया गया है और “अब इस संबंध में आगे का फ़ैसला उन्हीं पर है।”

जिंग की मृत्यु जर्मन पर्वतारोही और ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता लॉरा डाहलमेयर (German mountaineer and Olympic gold medalist Laura Dahlmeier) की कराकोरम पर्वत श्रृंखला में लैला चोटी (Laila Peak in the Karakoram Mountain Range) पर चढ़ने के प्रयास के दौरान हुई मृत्यु के कई सप्ताह बाद हुई है। पाकिस्तान में पर्वतारोहण के प्रयास में मारे गए विदेशी पर्वतारोहियों के शव (Bodies of foreign climbers) आमतौर पर उनके परिवारों के अनुरोध पर बरामद किए जाते हैं। लेकिन, अगर परिवार बचाव से इनकार कर देता है तो अवशेषों को उसी स्थान पर छोड़ दिया जाता है जहां पर्वतारोही की मृत्यु हुई थी।

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फाराक ने कहा कि अधिकारी पर्वतारोहियों को बेहतर बुनियादी ढांचा, बचाव सुविधाएं, सुरक्षा और मैत्रीपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहे हैं।

पर्वतारोहण अभियान स्थानीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, जिनसे लाखों डॉलर का प्रत्यक्ष राजस्व प्राप्त होता है।

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