नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों ने महिला पत्रकारों के कथित यौन उत्पीड़न को लेकर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) और गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) से सवाल किया कि वे इस पर ध्यान क्यों नहीं दे रहे हैं। गांधी ने कहा कि महिला पत्रकारों ने जंतर-मंतर पर रिपोर्टिंग के दौरान पुलिसकर्मियों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि दर्जनों पत्रकारों के विरोध के बावजूद न तो कोई एफआईआर दर्ज की गई और न ही कोई ठोस कार्रवाई की गई।
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जंतर-मंतर पर रिपोर्टिंग के दौरान महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। दर्जनों पत्रकारों के प्रदर्शन के बावजूद न FIR दर्ज की गई, न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई। शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही महिलाओं का भी आरोप है कि पुलिस उनके साथ बहुत अभद्र तरीके से पेश आ रही है।
जिस पुलिस का काम सुरक्षा देना है, उससे ही महिलाएं खतरा महसूस कर रही हैं। कॉलेज की छात्राओं से लेकर पत्रकार तक – हर जगह महिलाएं असुरक्षा का सामना कर रही हैं। @narendramodi जी, @AmitShah जी, क्या महिलाओं के साथ ये बर्ताव उचित है? अगर नहीं तो आप इसका संज्ञान क्यों नहीं लेते?
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) October 4, 2026
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जानें प्रियंका गांधी ने क्या कहा?
प्रियंका गांधी ने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रही महिलाओं का यह भी आरोप है कि पुलिस उनके साथ बहुत बुरा बर्ताव कर रही है। उन्होंने कहा कि महिलाएं उसी पुलिस बल से असुरक्षित महसूस कर रही हैं, जिसका काम सुरक्षा देना है। कांग्रेस महासचिव ने कहा कि कॉलेज की छात्राओं से लेकर पत्रकारों तक, हर जगह महिलाएं असुरक्षित महसूस कर रही हैं। प्रियंका गांधी ने ट्वीट मे कहा कि ‘नरेंद्र मोदी, अमित शाह, क्या महिलाओं के साथ ये बर्ताव उचित है? अगर नहीं तो आप इसका संज्ञान क्यों नहीं लेते?
महिला पत्रकारों ने क्या आरोप लगाया?
एक अधिकारी ने रविवार को बताया कि तीन अक्तूबर को जंतर-मंतर पर सीईसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है, जिसके बाद दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने निष्पक्ष जांच के लिए उनकी शिकायतें क्राइम ब्रांच को सौंप दी हैं। शनिवार को, महिला पत्रकारों में से एक ने पीटीआई को बातचीत के दौरान एक असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (एसीपी) पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया।
अधिकारी ने क्या कहा?
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अधिकारी ने बताया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई कथित घटनाओं के बाद नई दिल्ली जिला पुलिस को शिकायतें मिली हैं। उस समय कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। अधिकारी ने कहा कि जिला पुलिस ने निष्पक्ष जांच के लिए शिकायतें क्राइम ब्रांच को सौंप दी हैं। अधिकारी ने बताया कि क्राइम ब्रांच आरोपों की जांच करेगी और शिकायतकर्ताओं और अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज करेगी। प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया (Press Council of India) ने विरोध प्रदर्शन को कवर कर रहे पत्रकारों के साथ पुलिस के बर्ताव पर हैरानी और निराशा जताई और दिल्ली पुलिस (Delhi Police) से शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करने को कहा।