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जोड़े ने अपने हालात को अपनी पहचान बनाते हुए क्लाउड किचन का नाम ‘क्वाइटली डिलीशियस’ रखा है। इनका स्कूल जाने वाला बेटा सुखमेहर वीडियो में खाने के बारे में बताता है। इंस्टाग्राम पर मूक बधिर जोड़े के 21 हजार 600 से ज्यादा फॉलोअर्स हो चुके हैं। इनका सोशल मीडिया विदेश में रहने वाली इनकी बहू हिमांशी संभालती है।
वंशप्रीत सिंह और अनमोल कौर का छोटा स्कूली बेटा सुखमेहर सिंह टिफिन बॉक्स पैक करने में भी मदद करता है। उसका छोटा भाई चरणमीत सिंह और हिमांशी डेटा इंजीनियर हैं जो विदेश में रहते हैं लेकिन किसी भी मदद के लिए हमेशा उपलब्ध रहते हैं। हिमांशी उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स संभालती हैं। थोड़े ही समय में इंस्टाग्राम पर उनके 21,600 फॉलोअर्स हो गए हैं।
गुरमीत सिंह और इंदरजीत कौर गर्वित माता-पिता हैं। उत्तर प्रदेश के सीतापुर में उनके परिवहन व्यवसाय में समस्याओं का सामना करने के बाद, वे अब मोहाली में बस गए हैं और अपने बड़े बेटे वंशप्रीत और अनमोल के साथ रहते हैं।
हाल ही में मोहाली में किराए के घर में शिफ्ट होने के बाद, उन्हें क्लाउड किचन का विचार आया। गुरमीत ने मोहाली स्थित अपने घर पर कहा, “ईश्वर की कृपा से लोगों की प्रतिक्रिया अच्छी रही है।”
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इंदरजीत ने बताया कि “हम सिर्फ शाकाहारी खाना परोसते हैं और उसे थाली में पैक करके देते हैं। हमारी बहू, जो विदेश में रहती है, सोशल मीडिया संभालती है और उनकी स्टोरीज अपलोड करती है। हम दाल, छोले, सब्जियां और मिठाइयां बनाते हैं। खाना बिल्कुल वैसा ही होता है जैसा हम अपने घर में बनाते हैं और इसीलिए लोगों को पसंद आता है।”
उन्होंने कहा, “हमें आस-पास की हाउसिंग सोसाइटियों से ऑर्डर मिलते हैं। हमें उन लोगों से भी थोक ऑर्डर मिलते हैं जो धार्मिक अनुष्ठान करना चाहते हैं या गरीबों को भोजन कराना चाहते हैं।”
इंदरजीत ने बताया कि वंशप्रीत ने रसोई में उनकी मदद करते हुए खाना पकाने के गुर सीखे। अनमोल और वंशप्रीत जरूरतमंदों और वंचितों को ‘सेवा’ (Volunteer service) के रूप में भोजन भी वितरित करते हैं।
मूक बधिर वंशप्रीत ने अपने पिता के माध्यम से बताया कि वे लोगों के रिस्पॉन्स से गदगद हैं। उन्हें न सिर्फ आसपास की सोसाइटियों से, बल्कि धार्मिक कार्यों और दान के लिए काफी आर्डर मिल रहे है।