नई दिल्ली। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने मंगलवार को पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के आवास पर हुई मीटिंग में नए CBI डायरेक्टर के सिलेक्शन पर अपनी असहमति जताई है। राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने आरोप लगाया कि चयन के लिए जिन 69 उम्मीदवारों की लिस्ट दी है। उनकी डिटेल उपलब्ध नहीं कराई।
पढ़ें :- NEET 2024 की भयंकर चोरी के दौरान NTA का DG कौन था? मोदी सरकार ने उसे आज कहां बैठाया है...राहुल गांधी ने कहा-Google कीजिए और देखिए
राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कहा कि CBI डायरेक्टर का सिलेक्शन प्रोसेस सिर्फ एक फॉर्मेलिटी बना दिया गया। उन्होंने कहा कि मैं इस पक्षपातपूर्ण काम में शामिल होकर अपनी संवैधानिक ड्यूटी से पीछे नहीं हट सकता, लेकिन कड़े शब्दों में अपनी असहमति जताता हूं।
बता दें कि प्रधानमंत्री आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर हुई इस बैठक में भारत के मुख्य न्यायधीश (CJI) सूर्यकांत और राहुल गांधी (Rahul Gandhi) शामिल हुए थे। बैठक करीब एक घंटे चली। मीटिंग से निकलने के बाद राहुल ने सोशल मीडिया पर एक लेटर शेयर किया। जिसमें अपनी असहमति का कारण बताया। मौजूदा CBI डायरेक्टर प्रवीण सूद (CBI Director Praveen Sood) का कार्यकाल 24 मई को खत्म होने वाला है।
राहुल गांधी ने कहा कि आप चुनना चाहते हैं अपना उम्मीदवार
राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कहा कि आपकी सरकार ने बार-बार CBI का दुरुपयोग किया है। यह भारत की प्रमुख जांच एजेंसी हैं, लेकिन आपने इसे राजनीतिक विरोधियों, पत्रकारों और आलोचकों को निशाना बनाने में इस्तेमाल किया। संस्थाओं पर ऐसे कब्जे को रोकने के लिए ही चयन समिति में विपक्ष के नेता को शामिल किया जाता है। खेद की बात है कि आपने इस प्रक्रिया में मुझे कोई भी ऐसी भूमिका नहीं दी जो सलेक्शन प्रोसेस को सही बनाए। जिन उम्मीदवारों को लिस्ट किया गया है। उनकी सेल्फ असेसमेंट रिपोर्ट या 360-डिग्री रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। मुझे ये रिपोर्ट देने से साफ मना कर दिया गया।
पढ़ें :- ये क्या गारंटी कि दुबारा करवाने पर परीक्षा फिर लीक नहीं होगी....NEET परीक्षा को रद्द होने पर राहुल गांधी ने साधा निशाना
I have written to the Prime Minister recording my dissent from the CBI Director selection process.
I cannot abdicate my constitutional duty by participating in a biased exercise.
The Leader of Opposition is not a rubber stamp. pic.twitter.com/WfSt5gGPPR
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 12, 2026
पढ़ें :- केरल का मुख्यमंत्री कौन? दावेदारों की लिस्ट में केसी वेणुगोपाल समेत इनका नाम
उन्होंने कहा कि बिना किसी कानूनी आधार के जानकारी देने से जान-बूझकर मना करना, चयन प्रक्रिया का मजाक उड़ाना है। इससे साफ जाहिर होता है कि सिर्फ आपका पहले से तय उम्मीदवार ही चुना जाए। पिछली दो मीटिंग (5 मई 2025, 21 अक्टूबर 2025) में पीएम को लेटर लिखा था जिसमें निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया के लिए उपाय सुझाए थे। आज तक उस लेटर का जवाब नहीं मिला।
CBI डायरेक्टर का सिलेक्शन क्या है प्रोसेस
CBI डायरेक्टर के सिलेक्शन के लिए प्रधानमंत्री, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस और लोकसभा में विपक्ष के नेता की मीटिंग में नाम फाइनल होता है। इसके बाद गृह मंत्रालय से निर्देश मिलने के बाद डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग (DOPT) आदेश जारी करता है।
दो साल का ही क्यों होता है कार्यकाल
2019 में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के निर्देशों के अनुसार, जिन सीनियर अधिकारियों के रिटायरमेंट को छह महीने से कम बचे हैं। ऐसे किसी भी अधिकारी को CBI डायरेक्टर के पद के लिए विचार नहीं किया जा सकता है।
कोर्ट ने यह भी कहा था कि डायरेक्टर का कार्यकाल 2 साल से कम नहीं हो सकता है और नियुक्ति समिति की सहमति से ही उनका तबादला किया जा सकता है। सेंट्रल विजिलेंस कमीशन एक्ट 2003 ने CBI डायरेक्टर का कार्यकाल 2 साल तय किया था। हालांकि, परिस्थितियों के हिसाब से उसे एक-एक साल करके पांच साल तक बढ़ाया जा सकता है।
पढ़ें :- NEET Exam Cancelled : नीट परीक्षा रद्द होते ही छात्रों का फूटा गुस्सा, बोले- दो साल की मेहनत बर्बाद,अब किस पर करें भरोसा?
मौजूदा सीबीआई डायरेक्टर प्रवीण सूद (CBI Director Praveen Sood) ने 25 मई, 2023 को CBI चीफ का पद संभाला था। पिछले साल उन्हें रिटायर होना था लेकिन कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया गा था। सूद कर्नाटक कैडर के 1986 बैच के IPS अधिकारी हैं।