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देश में लगातार पेपर लीक, नौजवान कर रहे हैं आत्महत्या और पीएम मोदी बता रहे हैं आम पना बनाने की रेसिपी : पवन खेड़ा

AICC मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा ने सोमवार को प्रेस कांंफ्रेंस कर केंद्र की मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश में लगातार पेपर लीक हो रहे हैं, नौजवान आत्महत्या कर रहे हैं और प्रधानमंत्री देश को आम पना बनाने की रेसिपी बता रहे हैं। जो CBSE के बड़े-बड़े इन्वेस्टिगेटर नहीं कर पाए।

By santosh singh 
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नई दिल्ली। AICC मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा ने सोमवार को प्रेस कांंफ्रेंस कर केंद्र की मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश में लगातार पेपर लीक हो रहे हैं, नौजवान आत्महत्या कर रहे हैं और प्रधानमंत्री देश को आम पना बनाने की रेसिपी बता रहे हैं। जो CBSE के बड़े-बड़े इन्वेस्टिगेटर नहीं कर पाए। वो एक 19 साल के एथिकल हैकर ने कर दिखाया और सरकार का पूरा सिस्टम देश के सामने खोलकर रख दिया। देश के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पोस्ट, वीडियो या संदेश निकालकर देख लीजिए जब आप इन दोनों को सुनेंगे तो समझ आएगा कि जिसे देश चलाने की जिम्मेदारी मिली है, वो आम की वैरायटी गिना रहा है और जो विपक्ष में है उसे नौजवानों की चिंता है।

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उन्होंने कहा कि पिछले दो साल में NEET, CUET, JEE Mains, BPSC समेत तमाम परीक्षाओं में लाखों युवा धांधली का शिकार हुए हैं। बात सिर्फ प्रतियोगी परीक्षाओं की नहीं रही, अब बात स्कूली शिक्षा तक आ गई है। पहले बोर्ड परीक्षाओं में घपला, प्रतियोगी परीक्षाओं में घपला और फिर सर्विस कमीशन में घपला। पवन खेड़ा ने सवाल दागा कि आखिर नरेंद्र मोदी चाहते क्या हैं? क्या वे चाहते हैं कि देश के युवा अनपढ़ रहें, जाहिल रहें, बेरोजगार रहें और संघ की शाखाओं में जाएं?

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‘ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा’,लेकिन मुझे लगता है असली नारा था- ‘न पढूंगा, न पढ़ने दूंगा’

पवन खेड़ा ने कहा कि पीएम मोदी ने एक नारा दिया गया था- ‘ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा’,लेकिन मुझे लगता है असली नारा था- ‘न पढूंगा, न पढ़ने दूंगा’। मोदी सरकार में मंत्रियों के पोस्ट या ट्वीट उठाकर देखिए किसी ने भी शिक्षा व्यवस्था या CBSE की निंदा में एक शब्द नहीं कहा है।

जी हां…पूरा देश Frustrated है, क्योंकि आप मौजूदा पीढ़ी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं

वहीं, जब शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से पेपर लीक पर सवाल पूछा गया, तो वो कहते हैं कि राहुल गांधी Frustrated हैं। जी हां…राहुल गांधी Frustrated हैं,कांग्रेस Frustrated है और पूरा देश Frustrated है। हम सब इसलिए Frustrated हैं, क्योंकि आप मौजूदा पीढ़ी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

पवन खेड़ा ने बताया कि CBSE में पहले छात्रों की आंसर शीट एग्जामिनर के पास जाती थी, जिसमें आंसर शीट चेक होती थी, लेकिन फिर ये सिस्टम बदल दिया गया। अब आंसर शीट स्कैन करके पोर्टल पर डाली जाती हैं। इसमें एक सिस्टम बनाया गया और कंपनी हायर कर इस प्रक्रिया को शुरू किया गया।

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इस बिडिंग के पहले राउंड में TCS कंपनी आई, जो इंडस्ट्री की लीडर जानी-मानी कंपनी थी। लेकिन सिर्फ एक कंपनी होने के कारण टेंडर नहीं हुआ। ऐसे में अगस्त 2025 में टेंडर का एक राउंड और हुआ, जिसमें COEMPT कंपनी क्वालीफाई कर सामने आई। मगर COEMPT कंपनी को टेंडर देने के लिए नियम बदल दिए गए, ताकि वो ठेका ले सके।

जैसे: प्रिंट क्वालिटी की DPI 300 होनी चाहिए थी, लेकिन इसे घटाकर 200 कर दिया गया। टेंडर के लिए रोबोटिक्स हाई स्पीड स्कैनिंग सिस्टम अनिवार्य था, जिसमें TCS क्वालीफाई कर गई थी, लेकिन इस सिस्टम को हटाकर स्कैनर ले आया गया। टेंडर के लिए Past performance, financial weakness का क्राइटेरिया हटा दिया गया। इतना ही नहीं, टेंडर के नियमों से ब्लैकलिस्टिंग के नियम भी हटा दिए गए। अब COEMPT कंपनी रंगे हाथों पकड़ी गई है, लेकिन इसे ब्लैकलिस्ट नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि टेंडर में अनुभव का क्राइटेरिया भी हटा दिया गया। साथ ही, नियम यह भी था कि जिस कंपनी को ये ठेका मिलेगा, उसका खुदा का डेटा सेंटर होना चाहिए, लेकिन नियम हटाकर कह दिया गया कि हम थर्ड पार्टी क्लाउड इस्तेमाल करेंगे। इन तमाम नियमों को हटाया गया, जिसके चलते COEMPT कंपनी क्वालीफाई कर गई।

आज राहुल गांधी जी ने ट्वीट कर बताया है कि बच्चों को रि-इवैल्यूएशन के लिए कुल 2,000 रुपए खर्च करने होंगे। करीब 5 लाख बच्चों ने इसके लिए अप्लाई किया है, इस तरह कमाई का आंकड़ा 100 करोड़ तक पहुंच गया है।यानी- गलती कंपनी की, भुगत रहा बच्चा और जेब खाली हो रही माता-पिता की।

मोदी सरकार को साइबर सिक्योरिटी से कोई मतलब नहीं, आंसर शीट, पेमेंट रिकॉर्ड, फोन नंबर, ई-मेल एड्रेस… ये सारी जानकारियां पब्लिक डोमेन में आ गईं

मोदी सरकार को साइबर सिक्योरिटी से कोई मतलब नहीं है। ऐसे में बच्चों की जानकारी Compromised हो गई और उनका सारा डाटा बाहर आ गया। आंसर शीट, पेमेंट रिकॉर्ड, फोन नंबर, ई-मेल एड्रेस… ये सारी जानकारियां पब्लिक डोमेन में आ गईं।

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अब लोग सवाल पूछ रहे हैं कि COEMPT कंपनी से धर्मेंद्र प्रधान का क्या रिश्ता है?

अब सरकार को शिकायतों का समाधान करना चाहिए, जवाब देना चाहिए, लेकिन CBSE ने एक स्क्रिप्ट बनाई और सारे स्कूलों को भेज दिया। अब लोग सवाल पूछ रहे हैं कि COEMPT कंपनी से धर्मेंद्र प्रधान का क्या रिश्ता है?

NEET, CBSE पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और मोदी सरकार से जवाब मांगिए

UPA-2 के दौरान बजट में शिक्षा पर 4.77% खर्च किया जाता था, लेकिन आज 2.50% खर्च किया जा रहा है। यानी बजट में शिक्षा का हिस्सा 50% घटा दिया गया। ये एक ऐसी सुनामी है, जिसमें हमारी पूरी पीढ़ी बर्बाद की जा रही है। ये सरकार हमारा ध्यान भटकाने के लिए कुछ न कुछ करती रहती है और हम सब चर्चा करने लगते हैं। इसलिए मैं आपसे कहता हूं कि भटकिए मत। NEET, CBSE पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और मोदी सरकार से जवाब मांगिए।

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