नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद और नेता विपक्ष राहुल गांधी लगातार पेपर लीक के मुद्दे को उठाकर सरकार को घेर रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर वो छात्रों से संवाद भी कर रहे हैं। 17 जुलाई को देहरादून में वो छात्रों से बातचीत करेंगे। इसको लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। राहुल गांधी ने कहा, सरकार ने सख़्त नकल-विरोधी क़ानून बनाया-फिर भी पेपर लीक होते रहे। क़ानून काग़ज़ पर रहा, और पेपर बाज़ार में बिकते रहे।
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राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, 17 जुलाई को देहरादून आ रहा हूं। पर उत्तराखंड ही क्यों? क्योंकि देवभूमि को पेपर लीक का epicentre बना दिया गया है। UKSSSC परीक्षा में यहां एक “सिस्टम” बैठ गया है, जहां पटवारी, लेखपाल, या कोई और पद क़ाबिलियत से नहीं, अपराधियों के तय किए रेट से मिलता है।
17 जुलाई को देहरादून आ रहा हूँ। पर उत्तराखंड ही क्यों? क्योंकि देवभूमि को पेपर लीक का epicentre बना दिया गया है।
UKSSSC परीक्षा में यहाँ एक “सिस्टम” बैठ गया है, जहाँ पटवारी, लेखपाल, या कोई और पद क़ाबिलियत से नहीं, अपराधियों के तय किए रेट से मिलता है।
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— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 16, 2026
सरकार ने सख़्त नकल-विरोधी क़ानून बनाया-फिर भी पेपर लीक होते रहे। क़ानून काग़ज़ पर रहा, और पेपर बाज़ार में बिकते रहे। ज़रा सोचिए, एक बच्चे ने सालों तैयारी की। फ़ॉर्म भरा, फ़ीस दी, दूर के सेंटर तक गया। और उसका पद किसी और ने ख़रीद लिया। यह लीक नहीं-यह चोरी है। उस युवा के हक़ की, उसके रोज़गार की, उसके भविष्य की।
उन्होंने आगे लिखा, मैं उत्तराखंड के हर अभ्यर्थी, हर छात्र, हर युवा से कहता हूं-यह आपकी लड़ाई है, और मैं आपके साथ हूं। 17 जुलाई, देहरादून। आइए, ‘छात्रों की गूंज’ को हुंकार बनाएं। भविष्य नीलाम नहीं होने देंगे। सपने लीक नहीं होने देंगे।
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