राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले से एक दुखद घटना सामने आई है। बहरोड़ शहर की इंदिरा कॉलोनी में रहने वाली 19 वर्षीय छात्रा कामाक्षी अपने घर में मृत मिली। शुरुआती जांच में पुलिस का मानना है कि वह पिछले कुछ समय से प्रतियोगी परीक्षा और उसके परिणाम को लेकर मानसिक तनाव में थी। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
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माता-पिता दोनों हैं शिक्षक
पुलिस के अनुसार घटना के समय कामाक्षी घर पर अकेली थी। उसके माता-पिता अपनी-अपनी ड्यूटी पर गए थे जबकि भाई-बहन स्कूल में थे। दोपहर करीब डेढ़ बजे जब उसकी मां रीना देवी जो एक सरकारी स्कूल में हिंदी व्याख्याता हैं घर पहुंचीं तो उन्होंने बेटी को अचेत अवस्था में देखा। इसके बाद उन्होंने तुरंत अपने पति जगदीश प्रसाद को सूचना दी। परिजन और पड़ोसी छात्रा को तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
डॉक्टर बनने का था सपना
परिजनों ने बताया कि कामाक्षी का सपना डॉक्टर बनने का था। इसी लक्ष्य को लेकर उसने दो वर्षों तक जयपुर में रहकर NEET की तैयारी की थी। हाल ही में हुई परीक्षा के बाद वह अपने प्रदर्शन को लेकर संतुष्ट नहीं थी और इसी वजह से काफी परेशान रहने लगी थी। परिवार लगातार उसका हौसला बढ़ा रहा था और उसे दूसरे विकल्पों पर भी ध्यान देने की सलाह दे रहा था।
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दूसरे कोर्स की भी कर रही थी पढ़ाई
कामाक्षी केवल NEET की तैयारी ही नहीं कर रही थी बल्कि बीएससी-बीएड इंटीग्रेटेड कोर्स के प्रथम वर्ष की छात्रा भी थी। परिवार के मुताबिक, उसकी सेमेस्टर परीक्षाएं 11 जुलाई को ही समाप्त हुई थीं। इसके बावजूद वह अपने करियर को लेकर लगातार चिंता में रहती थी।
सुसाइड नोट नहीं मिला जांच जारी
घटना की सूचना मिलते ही बहरोड़ थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू की। थाना प्रभारी ने बताया कि पिता की रिपोर्ट के आधार पर मर्ग दर्ज कर लिया गया है। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है और मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है।