Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. दिल्ली
  3. पूर्व पीएम राजीव गांधी के हत्यारे की हार्ट अटैक से मौत, 7 हत्यारों में से था एक

पूर्व पीएम राजीव गांधी के हत्यारे की हार्ट अटैक से मौत, 7 हत्यारों में से था एक

By santosh singh 
Updated Date

नई दिल्ली। देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी हत्याकांड (Rajiv Gandhi Assassination Case) में दोषी एक हत्यारे की बुधवार को हार्ट अटैक (Heart Attack)  से मौत हो गई। उसे हार्ट अटैक (Heart Attack)  आने के बाद चेन्नई के राजीव गांधी सरकारी अस्पताल (Rajiv Gandhi Government Hospital) में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के एक अधिकारी ने बताया कि मरने वाले शख्स का नाम टी सुथेंद्रराजा उर्फ संथन (T Suthendraraja alias Santhan) था। वह राजीव गांधी (Rajiv Gandhi) के उन 7 हत्यारों में से एक था, जिन्हें 1991 में रिहाई मिल गई थी।

पढ़ें :- कर्नाटक में सीएम की कुर्सी को लेकर आखिर क्या चल रहा? केसी वेणुगोपल ने बताया कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठक में किस बात की हुई चर्चा

राजीव गांधी अस्पताल में था भर्ती

श्रीलंकाई नागरिक संथन (Sri Lankan Citizen Santhan) को कुछ दिन पहले इलाज के लिए राजीव गांधी सरकारी अस्पताल (Rajiv Gandhi Government Hospital) में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के डीन डॉ. वी. थेरानीराजन (Dean of the Hospital Dr. V. Theranirajan) ने बताया कि सुबह 7:50 बजे अचानक उसे हार्ट अटैक (Heart Attack) आया और उसकी मौत हो गई।

संथन का लीवर हो चुका था खराब

डॉ. थेरानीराजन ने बताया,’संथन का लीवर खराब हो चुका था। इसके इलाज के लिए ही उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बुधवार सुबह करीब 4 बजे संथन को कार्डियक अरेस्ट हुआ, लेकिन सीपीआर (CPR) के जरिए उसे रिवाइव कर दिया गया। हालांकि, बाद में करीब 7:50 बजे उसकी मौत हो गई।

पढ़ें :- Governor Trailer Release : मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘गवर्नर’ का ट्रेलर रिलीज, दिखेगी भारत के आर्थिक संकट की कहानी

नवंबर 2022 में मिली थी रिहाई

संथन उन 3 दोषियों में से एक था, जिसकी सजा को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने हत्या की साजिश में शामिल होने के लिए 1999 में बरकरार रखा था। संथन के अलावा दो और दोषियों का नाम मुरुगन और पेरारिवलन था। हालांकि, बाद में तीनों को राहत दे दी गई थी। नवंबर 2022 में संथन को रिहा कर दिया गया था।

त्रिची के विशेष शिविर में रह रहा था संथन

रिहाई के बाद विदेशी नागरिकों के लिए भारतीय नियमों के मुताबिक संथन को त्रिची में एक विशेष शिविर में रखा गया था। तमिलनाडु सरकार (Tamil Nadu Government) ने हाल ही में मद्रास हाई कोर्ट (Madras High Court) को सूचित किया था कि श्रीलंका ने संथन को अपने देश लौटने के लिए अस्थायी यात्रा दस्तावेज जारी किए हैं।

पढ़ें :- विवादों के बीच ‘है जवानी तो इश्क होना है’ का गाना‘चुनरी चुनरी’ गाना रिलीज, यूजर्स को याद आए सलमान खान
Advertisement