नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर (Shri Ram Janmabhoomi Temple) में वित्तीय गड़बड़ियों की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) के पुनर्गठन को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश देते हुए इस पर जवाब तलब किया है। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर (Shri Ram Janmabhoomi Temple) में वित्तीय गड़बड़ियों की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) के पुनर्गठन को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश देते हुए इस पर जवाब तलब किया है। कोर्ट ने कहा कि नई एसआईटी में पहले से जांच कर रहे अधिकारियों को भी शामिल किया जा सकता है।
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सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के इस सख्त रुख के बाद अब उत्तर प्रदेश सरकार पर इस मामले में जल्द से जल्द स्थिति स्पष्ट करने का दबाव बढ़ गया है। अदालत का मानना है कि मंदिर से जुड़े वित्तीय मामलों की जांच में पारदर्शिता और उच्च स्तर की दक्षता बेहद जरूरी है, ताकि हर एक पहलू से पर्दा उठ सके। अब देखना यह होगा कि यूपी सरकार सुप्रीम कोर्ट के इन निर्देशों पर क्या जवाब दाखिल करती है और एसआईटी के नेतृत्व में किस नए वरिष्ठ अधिकारी को शामिल किया जाता है।
सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के नेतृत्व में जांच कराई गई है और उसकी स्टेटस रिपोर्ट अदालत में दाखिल कर दी गई है। एसआईटी (SIT) की जांच के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है और अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हालांकि उन्होंने कहा कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए खुली अदालत में विस्तृत जानकारी साझा करना उचित नहीं होगा।
इस पर मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने कहा कि अदालत तीन-चार दिन बाद मामले पर दोबारा सुनवाई करेगी। उन्होंने सुझाव दिया कि वरिष्ठ अधिकारियों की नई एसआईटी बनाई जाए, जिसमें पहले से जांच कर रहे अधिकारी भी शामिल हों। इस पर सॉलिसिटर जनरल ने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अदालत को भरोसा दिलाया कि सरकार ऐसा करने के लिए तैयार है।
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मुख्य न्यायाधीश ने याचिकाकर्ता को मामले का राजनीतिकरण न करने की भी नसीहत दी। उन्होंने कहा कि यह एक साधारण आर्थिक अपराध का मामला है और जांच एजेंसियों को अपना काम स्वतंत्र रूप से करने दिया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को निर्धारित की है। उस दिन नई एसआईटी के गठन और जांच की प्रगति पर आगे विचार किया जाएगा।