Ramlala Statue Photo : अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर में 22 जनवरी की रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होनी है। इससे पहले शुक्रवार 19 जनवरी से एक तस्वीर सोशल मीडिया पर रामलला की प्रतिमा की एक तस्वीर वायरल हो रही है। जिसमें भगवान की प्रतिमा की आंखों पर पट्टी नहीं बंधी है। अब इसको लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने जांच की मांग की है।
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दरअसल, सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरों को लेकर दावा किया जा रहा है कि इस मूर्ति को गर्भग्रह में स्थापित किया गया है। इन तस्वीरों में प्रतिमा को ढका नहीं गया है जिससे आंखें और चेहरा पूरी तरह दिख रहा है। हालांकि, इससे पहले गर्भगृह में स्थापना के बाद जो तस्वीर सामने आयीं थीं, उनमें प्रतिमा के चेहरे को ढका गया था। इसके अलावा प्रतिमा के कई हिस्सा ढके नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर गर्भगृह में स्थापना के बाद की नहीं है। प्रतिमा के निर्माण के समय की ही है।
इस मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा, ‘प्राण प्रतिष्ठा पूरी होने से पहले भगवान राम की मूर्ति की आंखें नहीं खोली जा सकतीं। जिस मूर्ति में भगवान राम की आंखें दिखाई दे रही है, वह असली मूर्ति नहीं है। अगर आंखें देखी जा सकती हैं तो आंखें किसने दिखाईं और मूर्ति की तस्वीरें कैसे वायरल हो रही हैं, इसकी जांच होनी चाहिए।