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G7 Summit : ईरान से डील के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने बेंजामिन नेतन्याहू को दिखाया आईना, बोले-‘इजरायल का अस्तित्व नहीं होता, अगर…’

फ्रांस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन (G7 Summit) के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) ने एक बार फिर ऐसा बयान दिया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा छेड़ दी है। कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी (Emir Sheikh Tamim bin Hamad Al Thani) से मुलाकात से पहले ट्रंप ने कहा कि अगर उनका समर्थन नहीं होता तो आज इजरायल का अस्तित्व ही नहीं होता।

By santosh singh 
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नई दिल्ली। फ्रांस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन (G7 Summit) के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) ने एक बार फिर ऐसा बयान दिया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा छेड़ दी है। कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी (Emir Sheikh Tamim bin Hamad Al Thani) से मुलाकात से पहले ट्रंप ने कहा कि अगर उनका समर्थन नहीं होता तो आज इजरायल का अस्तित्व ही नहीं होता। साथ ही, उन्होंने इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu) से लेबनान के मामले में ज्यादा जिम्मेदार होने को कहा।

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हालांकि तेहरान ने बार-बार इस बात पर ज़ोर दिया है कि वॉशिंगटन के साथ किसी भी युद्धविराम समझौते में लेबनान को शामिल किया जाना चाहिए, लेकिन इज़रायल इस बात से सहमत नहीं है। खबरों के मुताबिक, वो हिज़्बुल्लाह के ख़िलाफ़ अपना सैन्य अभियान जारी रखना चाहता है। ट्रंप ने हिज़्बुल्लाह मिलिटेंट ग्रुप के ख़िलाफ़ इज़रायली सेना के अभियान की आलोचना की।

ट्रंप ने और क्या कहा?

फ्रांस में G7 समिट (G7 Summit)  के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि इज़रायल और ईरान समर्थित हिज़्बुल्लाह के बीच टकराव बहुत लंबे समय से चल रहा है और बहुत से लोग मारे जा रहे हैं। लेबनान के दक्षिणी इलाके में इज़रायली सेना के हालिया हमले का ज़िक्र करते हुए ट्रंप ने संकेत दिया कि वो इससे नाराज़ थे, क्योंकि ये हमला अमेरिका और ईरान के बीच अंतरिम शांति समझौते की घोषणा से ठीक पहले हुआ था। ट्रंप ने कहा कि जब आप किसी को ढूंढ रहे हों, तो हर बार बिल्डिंग गिराने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि उन अपार्टमेंट में बहुत सारे लोग रहते हैं और वो सभी हिज़्बुल्लाह के सदस्य नहीं हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने इज़रायल के लिए अमेरिका के समर्थन पर ज़ोर दिया और कहा कि अमेरिका के बिना इज़राइल का अस्तित्व ही नहीं होता। उन्होंने आगे कहा कि अगर वो इसमें शामिल नहीं हुए होते तो तेल अवीव बहुत पहले ही तबाह हो गया होता।

ट्रंप ने लेबनान की लड़ाई को बताया छोटा

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ट्रंप ने लेबनान में चल रही लड़ाई को ‘छोटी-मोटी लड़ाई’ कहा और हिज़्बुल्लाह को ‘एक छोटी सी चुभन’ बताया जो लगातार सिर उठाती रहती है। उन्होंने कहा कि अगर तेल अवीव बेरूत पर हमले जारी भी रखता है, तब भी ईरान के साथ शांति समझौता बना रहेगा। ट्रंप ने कहा कि जिस तरह से इज़रायल ने लेबनान और हिज़्बुल्लाह के मामले को संभाला है, उससे वो खुश नहीं हैं। हालांकि, जब पत्रकारों ने नेतन्याहू के साथ उनके रिश्तों के बारे में पूछा तो ट्रंप ने कहा कि उनके साथ रिश्ते बहुत अच्छे रहे हैं, लेकिन अब लेबनान के मामले में नेतन्याहू को ज़्यादा ज़िम्मेदार होना होगा।

 

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