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अपनी ही सरकार के खिलाफ संजय निषाद का धरना, गोंडा में कारोबारी की हत्या के बाद बड़ा एक्शन

By Kalpna Pandey 
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Gonda Murder: मामला परसपुर थाना क्षेत्र के रेक्सड़िया गांव का है। विनोद कुमार साहनी शाहपुर बाजार में बर्तन की दुकान चलाते थे। पुलिस के मुताबिक बुधवार शाम दुकान बंद कर बाइक से घर लौटते समय चार मोटरसाइकिलों पर सवार करीब 10 लोगों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया। इसके बाद उनके साथ मारपीट की गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।

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परिजनों और पुलिस के मुताबिक विनोद को पहले स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें गोंडा मेडिकल कॉलेज और फिर लखनऊ के KGMU रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

शुरुआती जांच में पुलिस ने सोशल मीडिया पर किए गए एक पोस्ट को लेकर विवाद की बात कही है। विनोद के बयान के आधार पर शुभम सिंह उर्फ गोलू, सुभाष सिंह और आकाश सिंह समेत 10 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। मौत के बाद FIR में हत्या की धारा जोड़ दी गई। पुलिस ने अब तीन नामजद आरोपियों शुभम सिंह, सुभाष सिंह और आकाश सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।

इस बीच पुलिस प्रशासन पर भी कार्रवाई हुई है। एसपी अभिषेक के मुताबिक, परसपुर थाना प्रभारी कमला शंकर चतुर्वेदी, शाहपुर चौकी प्रभारी अंकित सिंह और सिपाही अभिमन्यु भारती को सस्पेंड किया गया है। तीनों के खिलाफ विभागीय जांच भी होगी। इसके अलावा परसपुर थाने में नए थाना प्रभारी के तौर पर कृष्ण गोपाल राय की नियुक्ति की गई है।

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उधर, कारोबारी की हत्या को लेकर मंत्री और निषाद पार्टी अध्यक्ष संजय निषाद लगातार मुखर हैं। KGMU के बाहर धरना देने के बाद गोंडा पहुंचे संजय निषाद सर्किट हाउस में SP अभिषेक पर भड़क गए। सामने आए वीडियो में वह भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी पर नाराजगी जताते हुए SP से सवाल करते नजर आए। उन्होंने यहां तक पूछा कि क्या आप सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं?

इस मामले में समाजवादी पार्टी भी सरकार को घेर रही है। अखिलेश यादव ने हत्याकांड की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

अब एक तरफ पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो चुकी है, तीन आरोपी गिरफ्तार हैं और दूसरी तरफ मंत्री संजय निषाद का पुलिस प्रशासन पर गुस्सा सामने आ चुका है। ऐसे में सवाल है कि गोंडा का ये हत्याकांड 2027 से पहले सिर्फ कानून-व्यवस्था का मुद्दा रहेगा या निषाद वोट की सियासत को भी प्रभावित करेगा?

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