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Satuwai Amavasya 2026 : सतुवाई अमावस्या के दिन करें सत्तू का दान , माना जाता है बहुत शुभ

By अनूप कुमार 
Updated Date

Satuwai Amavasya 2026: धार्मिक मान्यतानुसार वैशाख माह की अमावस्या को सतुवाई अमावस्या कहने के पीछे मुख्य कारण इस दिन सत्तू का विशेष महत्व होना है। इस दिन सत्तू का दान करना और उसका सेवन करना बहुत शुभ माना जाता है। 17 अप्रैल 2026 वैशाख या सतुवाई अमावस्या मनाई जा जाएगी ।

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यह तिथि सतुवाई अमावस्या इसीलिए कहलाती हैं, क्योंकि ‘सतुआ’ शब्द का अर्थ भुने हुए चने या जौ से बने ‘सतुआ’ यानी सत्तू से होता है। और गर्मी के मौसम में यह सत्तू शरीर को ठंडक और ऊर्जा देता है। यह पचने में आसान होता है।

इस अमावस्या को पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए। यदि ऐसा कर पाना संभव नहीं है तो नहाने के पानी में ही थोड़ा सा गंगाजल व तिल मिलाकर स्नान करें। ऐसा करने से भी पुण्य फल प्राप्त हो जाएगा। स्नान के बाद सूर्य को जल में तिल डालकर अर्पित करना चाहिए। इस दिन पितरों के निमित्त तर्पण करना चाहिए।

सुपरफूड सतुआ
एक पारंपरिक भारतीय सुपरफूड है, जो मुख्य रूप से भुने हुए चनों को पीसकर बनाया जाता है। यह प्रोटीन, फाइबर, आयरन, और कैल्शियम का पावरहाउस है, जो गर्मियों में शरीर को तुरंत ऊर्जा (Energy), ठंडक और हाइड्रेशन प्रदान करता है। यह पाचन सुधारने, वजन घटाने, और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में अत्यंत सहायक है।

प्राकृतिक कूलेंट: सत्तू की तासीर ठंडी होती है, जो चिलचिलाती गर्मी में पेट को ठंडा रखता है और लू (heatstroke) से बचाता है

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