क्रिकेट की दुनिया में सितारे की तरह जगमगाने वाले सचिन तेंदुलकर ने अनोखी पहल शुरू की। तेंदुलकर आज अपने पिता की याद में फेलोशिप' शुरू किया।
‘Professor Ramesh Tendulkar Memorial Fellowship’ : क्रिकेट की दुनिया में सितारे की तरह जगमगाने वाले सचिन तेंदुलकर ने अनोखी पहल शुरू की। तेंदुलकर आज अपने पिता की याद में फेलोशिप’ शुरू किया।
इस मौके पर सचिन पिता को को याद कर भावुक हो गए। टीचर्स डे के मौके पर अपने पिता रमेश तेंदुलकर को अपना पहला मेंटोर और गाइड बताते हुए कहा कि वही थे जिन्होंने सबसे पहले मेरे क्रिकेट के प्रति प्यार को पहचाना। उन्होंने मुझे इस खेल में करियर बनाने की आजादी दी। सचिन ने बताया कि वह मौके पर उनके हेल्थकेयर पार्टनर, ‘इंगा हेल्थ फ़ाउंडेशन’ (‘Inga Health Foundation’) के साथ मिलकर ‘प्रोफेसर रमेश तेंदुलकर मेमोरियल फेलोशिप’ शुरू कर रहे हैं।
किकेटर ने लोगों के बारे में सोचता हूं जिन्होंने मेरे सफर को आकार दिया, तो मेरी शुरुआत क्रिकेट के मैदान या कोच से नहीं होती। मेरी शुरुआत घर से होती है। जब मुझे कोई नहीं जानता था, तब मेरे पिता ने क्रिकेट के लिए मेरे प्यार को पहचान लिया था और शायद इससे भी जरूरी कि वे समझ गए थे कि यह मेरे लिए क्या मायने रखता है। वह नहीं जानते थे कि क्रिकेट में मैं कितना बड़ा हो पाऊंगा, लेकिन उन्होंने मुझे इसे आगे बढ़ाने की आज़ादी दी।”
सचिन तेंदुलकर ने आगे लिखा, “भारत में युवा टैलेंट की कोई कमी नहीं है. चाहे कोई बच्चा बल्ला उठाए, गेंद उठाए, किताब उठाए या किसी दूसरे क्षेत्र में अपनी क्षमता को पहचाने, यह उन्हें अपने तरीके से खास बनाता है। उनमें अक्सर टैलेंट की कमी नहीं होती, बल्कि ऐसे लोगों तक पहुंच की कमी होती है जो उस टैलेंट को पहचान सकें और उसे निखारने में मदद कर सकें।
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