डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, अखिलेश यादव और राहुल गांधी दोनों अपने-अपने दलों के ख़ातिर भाजपा से लड़ने के लिए लाठी भांज रहे हैं। लेकिन दोनों दलों के बाकी नेता मानते हैं कि उनके नेता हारी हुई लड़ाई लड़ रहे हैं।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि, 2047 तक अखिलेश यादव का मुख्यमंत्री बनने का सपना सच होता नहीं दिखता है। यूपी विधानसभा चुनाव 2027 में ज़मीनी सच्चाई यह है कि सपा किसी भी हालत में भाजपा को चुनौती देने की स्थिति में नहीं है।
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, अखिलेश यादव और राहुल गांधी दोनों अपने-अपने दलों के ख़ातिर भाजपा से लड़ने के लिए लाठी भांज रहे हैं। लेकिन दोनों दलों के बाकी नेता मानते हैं कि उनके नेता हारी हुई लड़ाई लड़ रहे हैं।
श्री अखिलेश यादव और श्री राहुल गांधी दोनों अपने-अपने दलों के ख़ातिर भाजपा से लड़ने के लिए लाठी भांज रहे हैं। लेकिन दोनों दलों के बाकी नेता मानते हैं कि उनके नेता हारी हुई लड़ाई लड़ रहे हैं।
यूपी विधानसभा चुनाव 2027 में ज़मीनी सच्चाई यह है कि सपा किसी भी हालत में भाजपा को चुनौती…
— Keshav Prasad Maurya (@kpmaurya1) September 5, 2026
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यूपी विधानसभा चुनाव 2027 में ज़मीनी सच्चाई यह है कि सपा किसी भी हालत में भाजपा को चुनौती देने की स्थिति में नहीं है। हालत यह है कि 2022 की तुलना में आज उसकी हालत और भी ख़स्ता है। इसलिए सपा बहादुर अखिलेश यादव का दोबारा मुख्यमंत्री बनने का सपना 2047 तक सच होता नहीं दिखता।
उन्होंने आगे लिखा, यही स्थिति उनके राजनीतिक अवसरवादी सखा राहुल राजीव फ़िरोज़ गांधी की है। उनकी यंग्री यंगमैन की भूमिका बेअसर है, जो उनकी अपनी पार्टी पर ही प्रभाव डालने में कतई नाकाम रही है। उनके लगातार गाल बजाने के बावजूद भाजपा ने पश्चिम बंगाल और ओडिशा में अपना झंडा गाड़ दिया, जहां वह सत्ता में नहीं थी। आने वाले वक्त में पंजाब और हिमाचल उसके रडार पर हैं। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में फिर भाजपा सरकार बनाएगी। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में डबल इंजन की सरकारों के जनहित में किए गए कार्यों और भाजपा के लगातार मजबूत होने का नतीजा है।