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सावन का महीना उज्जैन में कालसर्प दोष पूजा के लिए एक आदर्श समय है, क्योंकि इस महीने में भगवान शिव और नाग देवता की कृपा विशेष रूप से प्राप्त होती है। काल सर्प दोष, जो कुंडली में राहु और केतु की विशेष स्थिति के कारण बनता है, जीवन में कई तरह की बाधाएं ला सकता है। सावन में यह पूजा करना इन बाधाओं को दूर करने और जीवन में सुख-समृद्धि लाने का एक विशेष अवसर प्रदान करता है।
कालसर्प दोष के निवारण के लिए सावन में क्या करें
जिनकी कुंडली में कालसर्प योग है, उन्हें पूरे सावन में भगवान शिव का रुद्राभिषेक व पूजा अर्चना अवश्य करना चाहिए। रुद्राभिषेक के लिए किसी योग्य ब्रह्माण को बुलाएं। जिनकी कुंडली में चंद्र और राहु दोनों ठीक नहीं हैं, वह पूरे सावन माह महामृत्युंजय जाप और रुद्राभिषेक करें।
भगवान शिव की पूजा
कालसर्प दोष से पीड़ित व्यक्ति को नियमित रूप से शिवलिंग पर जल या दूध चढ़ाना चाहिए, और शिव मंदिर में रुद्राभिषेक कराना चाहिए।
दान
गरीबों को काले कपड़े, कंबल, या अनाज का दान करने से भी कालसर्प दोष के नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सकता है।