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SHARDIYA NAVRATRI 2025 : मां दुर्गा शारदीय नवरात्र में गज पर सवार होकर आएंगी भूलोक , समृद्धि और उन्नति का प्रतीक है

By अनूप कुमार 
Updated Date

SHARDIYA NAVRATRI 2025 :  भक्ति ,शक्ति और आस्था का पावन पर्व शारदीय नवरात्रि देवी उपासकों , गृहस्थों और साधकों के लिए विशेष महत्व रखता है। आष्विन माह में मनाया जाने वाला शारदीय नवरात्रि देवी दुर्गा की पूजा और उनके नौ रूपों के आराधन का पर्व है। इस बार नवरात्र की शुरुआत 22 सितंबर से हो रही है। अष्टमी का व्रत 30 सितंबर को और महानवमी एक अक्टूबर को मनाई जाएगी। दो अक्टूबर को माता को विदाई दी जाएगी।

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विशेष रूप से इस साल मां दुर्गा का हाथी (गज) पर सवार होकर पृथ्वी लोक में आगमन होगा। ज्योतिषियों के अनुसार, हाथी पर सवार माता रानी का आगमन सुख, समृद्धि और उन्नति का प्रतीक है। यह संकेत देता है कि देश और घर में धन-धान्य की कोई कमी नहीं रहेगी।

घटस्थापना सोमवार, 22 सितंबर 2025  

शारदीय नवरात्रि के प्रत्येक दिन देवी दुर्गा के एक रूप को समर्पित है। सामान्य अनुष्ठानों में घटस्थापना , आरती , उपवास , भजन और आठवें या नौवें दिन कन्या पूजन शामिल हैं।

शारदीय नवरात्रि का  पहला दिन शैलपुत्री को, दूसरा दिन ब्रह्मचारिणी को, तीसरा दिन चंद्रघंटा को, चौथा दिन कुष्मांडा को, पाँचवाँ दिन स्कंदमाता को, छठा दिन कात्यायिनी को, सातवाँ दिन, आठवाँ दिन और नौवाँ दिन क्रमशः कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री को समर्पित है।

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22 सितंबर : प्रतिपदा तिथि
23 सितंबर : द्वितीय तिथि
24 सितंबर : तृतीया तिथि
25 सितंबर : चतुर्थी तिथि
26 सितंबर : चतुर्थी तिथि
27 सितंबर : पंचमी तिथि
28 सितंबर : षष्ठी तिथि
29 सितंबर : सप्तमी तिथि
30 सितंबर : अष्टमी तिथि
01 अक्तूबर : नवमी तिथि
02 अक्तूबर : दशहरा

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