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Shardiya Navratri 2026 : नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा से पहले नोट कर लें सामग्री, जानें घटस्थापना की संपूर्ण विधि

By santosh singh 
Updated Date

लखनऊ। शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व 11 अक्तूबर से शुरू हो रहा है। इन नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना करते हैं। मां के भक्त सुख-समृद्धि, खुशहाली व परिवार की मंगलकामना करते हैं। नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना के साथ पूजा की शुरुआत होती है। इस अवसर पर पूजा स्थल को सजाकर माता रानी की प्रतिमा स्थापित की जाती है और कलश पूजन किया जाता है। कई घरों में परंपरा के अनुसार जौ बोए जाते हैं और पूरे नौ दिनों तक अखंड ज्योति भी प्रज्वलित की जाती है। अगर आप भी नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा करने की तैयारी कर रहे हैं, तो पहले जरूरी पूजन सामग्री जुटा लें। यहां जानिए नवरात्रि पूजा, घटस्थापना और जौ बोने के लिए किन चीजों की आवश्यकता होती है।

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मां दुर्गा की आराधना से पहले इन वस्तुओं को एकत्रित कर लें।

मां दुर्गा की तस्वीर या प्रतिमा

भगवान गणेश की प्रतिमा

पूजा की चौकी और आसन

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चौकी पर बिछाने के लिए लाल कपड़ा

कलावा या मौली

फूल और फूलों की माला

माता रानी के लिए लाल चुनरी

श्रृंगार की सामग्री

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मौसमी फल और प्रसाद

दुर्गा सप्तशती

नारियल

धूप और अगरबत्ती

दीपक, रुई की बाती और घी

आरती की थाली और घंटी

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पान के पत्ते और सुपारी

कुमकुम और चंदन

हल्दी और अक्षत

जल रखने के लिए छोटा पात्र

कपूर

अष्टदल कमल

हल्दी और कुमकुम से रंगे चावल

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घटस्थापना के लिए जरूरी सामग्री

कलश स्थापना के लिए जरूरी सामग्री

मिट्टी या तांबे का कलश

शुद्ध जल

एक सिक्का

अक्षत यानी साबुत चावल

नारियल

आम के पत्ते

दो साबुत सुपारी

दो इलायची

हल्दी की एक गांठ

लाल कलावा या मौली

दो साबुत लौंग

नारियल पर बांधने के लिए छोटी लाल चुनरी

नवरात्रि में जौ बोने के लिए सामग्री

जौ बोने के लिए जरूरी वस्तुएं

मिट्टी का चौड़ा और बड़ा पात्र

साफ मिट्टी

जौ के दाने

गेहूं के दाने, यदि परंपरा में शामिल हों

पानी

कलावा या मौली

नवरात्रि की पूजा कैसे करें?

 पूजा स्थल तैयार करें: सबसे पहले घर के किसी साफ स्थान पर पूजा की चौकी रखें। इस पर लाल कपड़ा बिछाएं और पूजा की सभी वस्तुओं को व्यवस्थित कर लें।

मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित करें: चौकी पर अक्षत रखकर माता रानी की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें। साथ ही भगवान गणेश की प्रतिमा भी रखें।

घटस्थापना की तैयारी करें: कलश में शुद्ध जल भरें और परंपरा के अनुसार उसमें सिक्का, अक्षत तथा अन्य निर्धारित सामग्री डालें। कलश के मुख पर आम के पत्ते लगाएं और ऊपर लाल चुनरी से सजा नारियल रखें। घटस्थापना के लिए अपने क्षेत्र की मान्य परंपरा और पंचांग में बताए गए नियमों का पालन करें।

जौ बोएं: यदि आपके घर में जौ बोने की परंपरा है, तो मिट्टी के पात्र में साफ मिट्टी भरकर जौ के दाने डालें। इसके बाद थोड़ा पानी छिड़कें और पात्र को पूजा स्थल के पास रख दें।

दीपक प्रज्वलित करें: पूजा के दौरान घी का दीपक जलाएं। यदि आप अखंड ज्योति जलाना चाहते हैं, तो उसे सुरक्षित स्थान पर रखें और पूरे समय अग्नि सुरक्षा का ध्यान रखें। आरती के लिए अलग दीपक भी तैयार कर सकते हैं।

तिलक और पूजन करें: भगवान गणेश, मां दुर्गा, कलश और दीपक पर परंपरा के अनुसार हल्दी, कुमकुम और अक्षत अर्पित करें। इसके बाद फूल, माला और माता रानी को चुनरी तथा श्रृंगार की सामग्री चढ़ाएं।

भोग लगाएं: मां दुर्गा को अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार फल, मिश्री, बताशे या अन्य सात्विक प्रसाद अर्पित करें।

 मंत्र जाप और आरती करें: पूजा के दौरान मां दुर्गा के मंत्रों का जाप करें और दुर्गा सप्तशती का पाठ कर सकते हैं। अंत में विधि-विधान से माता रानी की आरती करें और परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना करें।

नवरात्रि के नौ दिनों में श्रद्धा और नियमपूर्वक मां दुर्गा की उपासना करना विशेष महत्व रखता है। पूजा की सामग्री पहले से तैयार रखने से घटस्थापना और अन्य धार्मिक कार्य आसानी से पूरे किए जा सकते हैं।

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