Summer drink : मौसम बदल रहा है। गर्मी का सीजन आ गया है। सीजन के हिसाब से खाने पीने के दिन आ गए है। अभी तक लोग सदियों से प्राकृतिक और देसी तरीकों से गर्मी से राहत पाते आए हैं। कुछ देशी तरीके शरीर को अंदर से ठंडक देने में काफी असरदार होते हैं। पारंपरिक खान-पान और घरेलू नुस्खों में ऐसी कई चीजें शामिल हैं जो शरीर का तापमान को संतुलित रखने में मदद करती हैं। यही कारण है कि गांवों में लोग तेज गर्मी के बावजूद ज्यादा हेल्दी और एनर्जेटिक रहते हैं। आइए जानते हैं 5 ऐसी देसी चीजों के बारे में जो गर्मियों में शरीर को ठंडक देने के लिए आज भी गांवों में खूब इस्तेमाल की जाती हैं।
घडे का पानी
जब किसी व्यक्ति को लू लगती है तो उसका शरीर सामान्य तापमान से ज्यादा हो जाता है। ऐसे में ज्यादा तेज ठंडा पानी पीने से समस्या बढ़ सकती है। व्यक्ति को इस स्थिति में हल्का ठंडा या मटके का पानी पिलाना चाहिए। मिट्टी के बर्तन की खासियत यह है कि उसमें मौजूद छोटे-छोटे छिद्र पानी को धीरे-धीरे ठंडा करते हैं। इससे पानी प्राकृतिक तरीके से ठंडा हो जाता है।
घडे का पानी
जब किसी व्यक्ति को लू लगती है तो उसका शरीर सामान्य तापमान से ज्यादा हो जाता है। ऐसे में ज्यादा तेज ठंडा पानी पीने से समस्या बढ़ सकती है। व्यक्ति को इस स्थिति में हल्का ठंडा या मटके का पानी पिलाना चाहिए। मिट्टी के बर्तन की खासियत यह है कि उसमें मौजूद छोटे-छोटे छिद्र पानी को धीरे-धीरे ठंडा करते हैं। इससे पानी प्राकृतिक तरीके से ठंडा हो जाता है।
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सत्तू का शरबत
सत्तू का शरबत गर्मियों में बहुत लोकप्रिय है। यह भुने हुए चने से बनाया जाता है और इसे देसी एनर्जी ड्रिंक भी कहा जाता है। सत्तू में प्रोटीन, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्व होते हैं, जो शरीर को ताकत देने के साथ-साथ ठंडक भी देते हैं।
पुदीना
पुदीने के इस्तेमाल से भी समस्या को दूर किया जा सकता है। ऐसे में आप पुदीने की पत्तियों को पीसकर उसमें दो लौंग मिलाएं और दोबारा से पीस लें। अब पानी मिलाकर उसका सेवन करें। ऐसा करने से समस्या दूर होगी।
छाछ (मट्ठा)
गांवों में खाने के साथ छाछ पीने की परंपरा बहुत पुरानी है। यह दही से बनती है और गर्मियों में शरीर को हल्का और ठंडा रखने में मदद करती है। छाछ में मौजूद प्रोबायोटिक तत्व पाचन को बेहतर बनाने में भी मदद करते हैं।