Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. यूपी में शिक्षा के नाम खुली लूट : स्कूल से किताब न खरीदने पर प्रिंसिपल छात्रा की मां से की बदसलूकी, नाम काटने की दी धमकी, देखें Viral Video

यूपी में शिक्षा के नाम खुली लूट : स्कूल से किताब न खरीदने पर प्रिंसिपल छात्रा की मां से की बदसलूकी, नाम काटने की दी धमकी, देखें Viral Video

By santosh singh 
Updated Date

हरदोई। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने निजी स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगाने के सख्त निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद यूपी के हरदोई जिले (Hardoi District) में स्कूल से किताबें खरीदने का विरोध करने पर स्कूल की प्रिंसिपल ने बच्चे की मां से बदसलूकी की। प्रिंसिपल लगातार छात्रा की मां पर चीखती रहीं। उन्हें बोलने का मौका ही नहीं दिया। जैसे ही महिला कुछ बोलने की कोशिश करती, प्रिंसिपल यू शटअप कहकर चुप करा देतीं।

पढ़ें :- केंद्र सरकार के 12 साल: CM योगी ने PM मोदी को लिखा पत्र, कहा-राष्ट्र ने सेवा, सुरक्षा, सुशासन और समृद्धि के नए प्रतिमान स्थापित किए

महिला से कहा भागो यहां से। तमाशा करने आ गए। गेट लॉस्ट। प्रिंसिपल ने छात्रा की मां को ब्लडी फूल और गंवार तक कहा। उनकी बेटी को स्कूल से निकालने की धमकी दी। मामले का वीडियो भी सामने आया है। इसमें प्रिंसिपल स्कूल कैंपस में बच्ची की मां से अभद्रता करती दिख रही हैं। मामला शहर के एसपी तिराहा स्थित न्यू सनबीम पब्लिक स्कूल (New Sunbeam Public School) का है।

सिविल लाइन निवासी नीलम वर्मा ने बताया, उनकी बेटी अलीशा वर्मा यूकेजी की छात्रा है। उन्होंने बताया स्कूल द्वारा पहले जो कोर्स बताया गया था, वह पहले ही खरीद लिया गया था। इसके बावजूद, स्कूल प्रशासन ने बाद में लगभग 1200 रुपये की चार नई कॉपियां केवल स्कूल से खरीदने का दबाव बनाया।

अलीशा कई दिनों से बिना होमवर्क के घर लौट रही थी। जब उन्होंने कारण पूछा तो बच्ची ने बताया कि नई कॉपियां न होने के कारण उसे काम नहीं दिया जा रहा था। शुक्रवार सुबह नीलम स्कूल पहुंची। प्रिंसिपल से मिलकर कुछ दिनों की मोहलत मांगी, क्योंकि उनके पति की सैलरी अभी नहीं मिली थी। आरोप है कि इस बात पर प्रिंसिपल ममता मिश्रा भड़क गईं और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया।

नीलम वर्मा ने दावा किया कि उन्हें सबके सामने अपमानित किया गया और आपत्तिजनक शब्द कहे गए। साथ ही, बच्चे का नाम स्कूल से काटने की धमकी भी दी गई। पीड़िता ने इस पूरे मामले की शिकायत आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से जिलाधिकारी से की है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपमानित करने के लिए प्रिंसिपल से माफी मांगने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

बता दें कि ये सिर्फ एक स्कूल की गुंडागर्दी नहीं, बल्कि सरकार की उस शिक्षा नीति का नतीजा है जिसने शिक्षा को व्यापारियों और माफियाओं के हवाले कर दिया। निजी स्कूल फीस, किताब, ड्रेस और कॉपी के नाम पर खुली लूट मचा रहे हैं और सरकार आंख मूंदे बैठी है। क्या शिक्षा विभाग सिर्फ नोटिस चिपकाने के लिए है? क्या अभिभावकों का अपमान अब सामान्य बात हो गई है?

पढ़ें :- UP News : बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के एक से दूसरे जिले में होंगे तबादले, आदेश जारी

सरकार तुरंत कार्रवाई करें, प्रिंसिपल पर सख्त कदम उठाए, स्कूल की मान्यता की जांच हो और किताबों की इस जबरन बिक्री पर रोक लगे। बच्चों के भविष्य के नाम पर लूट और अभिभावकों का अपमान अब बर्दाश्त नहीं होगा। उत्तर प्रदेश में “शिक्षा के नाम पर लूट” का मुद्दा अभिभावकों और सामाजिक संगठनों द्वारा निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ राज्य के विभिन्न जिलों में विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। निजी स्कूलों पर आरोप है कि वे NCERT की सस्ती किताबों के बजाय निजी प्रकाशकों की अत्यधिक महंगी किताबें (एक किताब की कीमत 1,000 रुपये से ऊपर तक) अनिवार्य कर रहे हैं। स्कूल इन किताबों पर 30-40 फीसदी तक कमीशन ले रहे हैं।

Advertisement