लखनऊ। समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने रविवार को सोशल मीडिया X पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा कि यूपी की भाजपा सरकार के एक मंत्री द्वारा मेरठ में सेवानिवृत सैनिकों एवं गरीबों की ज़मीन क़ब्ज़ा किये जाने की ख़बर शर्मनाक है।
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उप्र की भाजपा सरकार के एक मंत्री द्वारा मेरठ में सेवानिवृत सैनिकों एवं गरीबों की ज़मीन क़ब्ज़ा किये जाने की ख़बर शर्मनाक है।
बस इतना पूछना है कि सर्वज्ञ मुख्यमंत्री जी को इन भू-माफ़ियाओं के बारे में कुछ भी पता है या फिर सब कुछ पता होते हुए भी…
दोनों परिस्थितियों में ये… pic.twitter.com/qreyzswsEc
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) September 8, 2024
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अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने कहा कि बस इतना पूछना है कि सर्वज्ञ मुख्यमंत्री जी को इन भू-माफ़ियाओं के बारे में कुछ भी पता है या फिर सब कुछ पता होते हुए भी…। दोनों परिस्थितियों में ये मुख्यमंत्री जी की नाकामी है या फिर इस ‘भू-हरण कृत्य’ में उनकी हामी है।
बताते चलें कि मोदीपुरम स्थित विनायक कॉलोनी के लोगों ने शनिवार को कमिश्नरी पर ऊर्जा राज्यमंत्री डॉ.सोमेन्द्र तोमर (Minister of State for Energy Dr. Somendra Tomar) के खिलाफ प्रदर्शन कर रास्ता दिलाने की मांग की। आरोप लगाया मनमाने तरीके से रास्ता अवरुद्ध कर दिया गया है। मंत्री पर प्लाट की बाउंड्रीवाल और सड़कों को क्षतिग्रस्त करने का आरोप लगाया। ऊर्जा राज्यमंत्री ने आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि कॉलेज के लिए बैनामे से खरीदी गई जमीन है। खरीदी गई जमीन में रास्ता कैसे दूं? पिछले कुछ दिनों से मोदीपुरम स्थित विनायक कॉलोनी (Vinayak Colony) में रास्ते को लेकर विवाद चल रहा है। आरोप है कि ऊर्जा राज्यमंत्री डा.सोमेन्द्र तोमर (Minister of State for Energy Dr. Somendra Tomar) ने विनायक विद्यापीठ (Vinayak Vidyapeeth) की खरीद की है और विनायक कॉलोनी (Vinayak Colony) का रास्ता बंद कर दिया गया है।
बैनामे से खरीदी गई जमीन है, कैसे रास्ता दूं?
ऊर्जा राज्यमंत्री डॉ. सोमेन्द्र तोमर (Minister of State for Energy Dr. Somendra Tomar) ने कहा कि जमीन को लेकर कुछ लोगों के इशारे पर धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। यह बैनामे से खरीदी गई है। खरीदी गई जमीन में रास्ता कैसे दूं? यह मामला केवल कुछ लोगों के इशारे पर छवि धूमिल करने का है। यदि कॉलोनी का रास्ता अवरुद्ध है तो लोग कोर्ट क्यों नहीं जाते? आरोप निराधार हैं।
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शनिवार को विनायक कालोनी (Vinayak Colony) के इंद्रजीत सिंह, अरुण कुमार त्यागी, जसवंत सिंह, दिनेश कुमार, कमलेश आदि के साथ लोग कमिश्नरी पहुंचे। आरोप लगाया जब से मंत्री ने विनायक विद्यापीठ (Vinayak Vidyapeeth) की खरीद की है। तब से रास्ते को लेकर विवाद हो गया है। आरोप लगाया कि जबरन सड़कें तोड़कर और बाउंड्रीवाल को क्षतिग्रस्त कर 30 लाख का नुकसान किया गया है। कमिश्नर के नाम अपर आयुक्त अमित कुमार सिंह (Additional Commissioner Amit Kumar Singh) को ज्ञापन देकर कॉलोनी का रास्ता खुलवाने की मांग की गई है। चेतावनी दी है कि न्याय नहीं मिला तो वे आत्महत्या के लिए मजबूर होंगे।