लखनऊ। यूपी में नए शैक्षिक सत्र का आगाज हो गया है। इस साल, राज्य सरकार ने प्राथमिक विद्यालयों के समय में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब स्कूल सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलेंगे। यूपी में बढ़ती गर्मी को देखते हुए बड़ा फैसला लिया गया है। उत्तर प्रदेश के राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव पी. गुरुप्रसाद (P. Guruprasad, Principal Secretary, Revenue Department, Uttar Pradesh) ने छात्रों को हीट वेव से बचाने के लिए स्कूलों के समय में बदलाव करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में स्कूलों में मॉर्निंग सत्र की व्यवस्था की जाए, ताकि बच्चों को लू से बचाया जा सके। प्रदेश के स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां नहीं होने की बात कही गई।
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प्रदेश के स्कूल के समय बदलाव होगा। गर्मी से बच्चों को बचाने के लिए स्कूलों का समय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक होगा। वहीं, श्रमिकों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक काम से छूट मिलेगी। जिलाधिकारियों को गर्मी से बचाव के उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार की ओर से जिलों में आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया।
शैक्षिक सत्र अप्रैल में शुरू
उत्तर प्रदेश में नए शैक्षिक सत्र (New Academic Session) की शुरुआत अप्रैल में ही हो गई है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस बदलाव के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण हैं। जैसे अप्रैल में सत्र शुरू करने से पूरे शैक्षणिक वर्ष की योजना बेहतर ढंग से बनाई जा सकती है। परीक्षाओं और अवकाशों का समायोजन सुचारु रूप से हो सकेगा। अप्रैल में सत्र शुरू करने से गर्मी की छुट्टियों का समय बेहतर ढंग से निर्धारित किया जा सकेगा, जिससे छात्रों को बहुत गर्मी के दौरान छुट्टी मिल सकेगी। पर सत्र शुरू होने से पाठ्यक्रम को समय पर पूरा किया जा सकेगा। यूपी में शैक्षिक सत्र की शुरुआत आमतौर पर 8 जुलाई को होती थी। जुलाई महीना अक्सर प्रवेश प्रक्रियाओं, पाठ्यपुस्तकों और कॉपियों की खरीदारी में बीत जाता है, जिससे छात्रों की पढ़ाई में देरी होती थी। इस साल, सरकार ने शैक्षिक सत्र को तीन महीने पहले, अप्रैल में शुरू करने का निर्णय लिया है।
पेयजल आपूर्ति पर दिया जोर
प्रमुख सचिव ने विशेष रूप से बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र के जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। टैंकरों से जल आपूर्ति करने वाले वाहनों की निगरानी के लिए जीपीएस ट्रैकर डिवाइस का उपयोग किया जाए ताकि पानी की समय पर और उचित आपूर्ति हो सके।
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गर्मी से बचाव के लिए विशेष उपाय
लाल बहादुर शास्त्री भवन (एनेक्सी) में गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारियों को संबोधित करते हुए पी. गुरुप्रसाद ने कहा कि गर्मी और लू से बचाव के सभी उपाय समय रहते पूरे किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रमुख मार्गों और सार्वजनिक स्थलों पर पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था की जाए।
राहत आयुक्त के निर्देश
राहत आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने भी श्रमिकों को हीटवेव से बचाने के लिए दोपहर 12 से तीन बजे के बीच कार्य से राहत देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सार्वजनिक स्थलों पर अभियान चलाकर प्याऊ स्थापित करने और छायादार स्थलों का विकास करने का आदेश दिया। राहत आयुक्त ने जिलाधिकारियों को गर्मी और लू के कारण होने वाली बीमारियों के उपचार के लिए अस्पतालों में दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
इसके साथ ही, अग्निशमन विभाग को अलर्ट पर रहने का आदेश दिया गया है। पशुशालाओं में पानी और छाया की उचित व्यवस्था पर भी जोर दिया गया है। प्रमुख सचिव ने बिजली और पानी की आपूर्ति की सतत निगरानी के निर्देश दिए हैं। साथ ही, मौसम विभाग की ओर से जारी मौसम संबंधी चेतावनियों को लेकर अलर्ट रहने को कहा गया है।