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फालटा री-पोलिंग से पहले TMC प्रत्याशी जहांगीर खान ने नामांकन लिया वापस, चुनाव में कहा था कि ‘पुष्पा झुकेगा नहीं…’

By संतोष सिंह 
Updated Date

कोलकाता। पश्चिम बंगाल (West Bengal) की फालटा विधानसभा सीट (Falta Assembly Seat) पर होने वाले पुनर्मतदान से ठीक दो दिन पहले सियासी गलियारों में जबरदस्त भूचाल आ गया है। ‘पुष्पा’ डायलॉग वाली रील से चर्चा में आए तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कद्दावर उम्मीदवार जहांगीर खान (Jahangir Khan) ने अचानक अपना नामांकन वापस ले लिया है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Elections) के दौरान TMC प्रत्याशी जहांगीर खान (TMC Candidate Jahangir Khan) ने कहा था कि ‘पुष्पा झुकेगा नहीं…’

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पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय एक बहुत बड़ा और अप्रत्याशित यू-टर्न देखने को मिला, जब दक्षिण 24 परगना जिले की हाई-प्रोफाइल फालटा विधानसभा सीट (Falta Assembly Seat) से  तृणमूल कांग्रेस (TMC) के आधिकारिक प्रत्याशी जहांगीर खान (Candidate Jahangir Khan) ने चुनावी मैदान से अपने कदम पीछे खींच लिए। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आगामी 21 मई को होने वाले पुनर्मतदान से ऐन पहले जहांगीर खान ने चुनाव अधिकारी के समक्ष जाकर अपना नामांकन पत्र वापस ले लिया। चुनाव आयोग (Election Commission) की अभूतपूर्व मुस्तैदी और इलाके में भारी संख्या में केंद्रीय बलों की तैनाती के बीच सत्ताधारी दल के उम्मीदवार का इस तरह अचानक से चुनावी रण छोड़ देना पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन गया है। इस फैसले ने न सिर्फ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के रणनीतिकारों को हतप्रभ कर दिया है, बल्कि फालटा सीट के पूरे चुनावी गणित को भी पूरी तरह से पलट कर रख दिया है।

‘पुष्पा’ का नया क्लाइमेक्स

फिल्म ‘पुष्पा’ (Film ‘Pushpa’) का मशहूर संवाद ‘पुष्पा झुकेगा नहीं साला’ बोलकर सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोरने वाले जहांगीर खान का यह कदम किसी बड़े फिल्मी सस्पेंस से कम नहीं है। चुनाव प्रचार के दौरान उनके दबंग अंदाज और सोशल मीडिया रील्स को देखकर किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि वे वोटिंग से ठीक पहले मैदान से हट जाएंगे। इस मीडिया में छपी खबर के मुताबिक, जो नेता चंद दिनों पहले तक विरोधियों को खुलेआम ललकार रहा था, उसने चुनाव आयोग (Election Commission) और पुलिस प्रशासन की कड़क घेराबंदी के आगे घुटने टेक दिए। स्थानीय लोगों और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच अब यह चर्चा आम हो गई है कि आखिरकार ‘पुष्पा’ का यह तेवर इतनी जल्दी कैसे ढीला पड़ गया?

क्यों हो रही री-पोलिंग?

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इस पूरे ड्रामे के पीछे की असल कहानी 29 अप्रैल को हुए पहले दौर के मतदान से जुड़ी हुई है। फालटा विधानसभा सीट के सभी 285 पोलिंग बूथों पर उस दिन वोट डाले गए थे, लेकिन मतदान के दौरान बड़े पैमाने पर धांधली, ईवीएम (EVM) मशीनों पर काली पट्टी (ब्लैक टेप) चिपकाने और मतदाताओं को डराने-धमकाने की गंभीर शिकायतें सामने आई थीं। विपक्ष ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए सीधे दिल्ली तक गुहार लगाई थी। इसके बाद, चुनाव आयोग (Election Commission) ने सख्त रुख अपनाते हुए 29 अप्रैल को हुए पूरे चुनाव को ही पूरी तरह रद्द कर दिया और आगामी 21 मई को पूरी सीट पर नए सिरे से ‘Fresh Poll’ यानी पुनर्मतदान कराने का ऐतिहासिक फरमान जारी कर दिया।

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