उन्नाव: उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक मजदूर की बेटी को आयकर विभाग की ओर से करीब 21 करोड़ रुपये के कथित कारोबार और आय को लेकर नोटिस भेजा गया है। नोटिस मिलने के बाद छात्रा और उसका परिवार सदमे में है।
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उन्नाव के गिरिजाबाग क्षेत्र की रहने वाली स्नातक छात्रा रश्मि सविता को आयकर विभाग की ओर से समन जारी किया गया, जिसमें उनसे 20.98 करोड़ रुपये के कथित वित्तीय लेनदेन और आय के संबंध में जवाब मांगा गया है। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, रश्मि का कहना है कि उन्होंने कभी कोई कारोबार नहीं किया और न ही किसी कंपनी से उनका कोई संबंध है।
आधार और पैन कार्ड के दुरुपयोग का आरोप
रश्मि के अनुसार, मामले की जानकारी जुटाने पर पता चला कि दिल्ली के बुराड़ी क्षेत्र में ‘आरएस एंटरप्राइजेज’ नाम से एक कंपनी उनके आधार और पैन कार्ड का इस्तेमाल करके संचालित की जा रही थी। बताया जा रहा है कि यह कंपनी जनवरी 2025 में शुरू हुई और कुछ महीनों बाद बंद भी हो गई। रश्मि ने स्पष्ट किया कि उन्हें इस कंपनी के बारे में कोई जानकारी नहीं है और न ही उन्होंने कभी कोई व्यवसाय शुरू किया है। उनका आरोप है कि किसी ने धोखाधड़ी करके उनके दस्तावेजों का इस्तेमाल किया है।
दिहाड़ी मजदूर हैं पिता
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रश्मि के पिता अजय शंकर दिहाड़ी मजदूर हैं। परिवार का कहना है कि उनके पास इतना बड़ा कारोबार करने की न तो आर्थिक क्षमता है और न ही उन्होंने कभी ऐसा कोई काम किया है। अचानक करोड़ों रुपये के लेनदेन का नोटिस मिलने से पूरा परिवार परेशान है।
पुलिस और प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार
रश्मि ने आयकर विभाग को अपना जवाब भेज दिया है। इसके अलावा उन्होंने आधार और पैन कार्ड के कथित दुरुपयोग की शिकायत सार्वजनिक शिकायत पोर्टल पर दर्ज कराई है। साथ ही पुलिस से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। यह मामला एक बार फिर पहचान संबंधी दस्तावेजों के दुरुपयोग और साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते खतरे की ओर इशारा करता है।