Government’s decision on UPI payments : देश में यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) के माध्यम से भुगतान करने वाले लोगों के लिए एक बुरी खबर है। केंद्र की मोदी सरकार ने 14 सितंबर 2026 को यूपीआई के संबंध में एक नया गजट नोटिफिकेशन जारी किया है। जिसमें 2000 रुपये से ज्यादा के यूपीआई लेनदेन पर चार्ज लगाने का रास्ता साफ कर दिया गया है। यानी 2000 से ज्यादा के यूपीआई भुगतान पर आपसे चार्ज वसूला जाएगा। जिसको लेकर कांग्रेस ने सरकार पर हमला बोला है।
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मोदी सरकार की ओर से जारी गजट नोटिफिकेशन के अनुसार, ₹2,000 तक के UPI ट्रांज़ैक्शन और किसी भी रकम के RuPay डेबिट कार्ड ट्रांज़ैक्शन पर बैंक और पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर इन पर कोई चार्ज नहीं लगा सकते। RuPay डेबिट कार्ड के लिए, ट्रांज़ैक्शन की रकम चाहे कितनी भी हो, MDR 0% ही रहेगा। इसके साथ ही इतना है कि 2000 रुपये से ज्यादा के यूपीआई लेनदेन को पहले वाली कानूनी सुरक्षा से बाहर कर दिया गया है। यानी 2,000 रुपये से ज़्यादा के UPI ट्रांज़ैक्शन पर, भविष्य में MDR फ़्रेमवर्क के तहत चार्ज लगाया जा सकता है। हालांकि, सरकार ने अभी तक कोई रेट तय नहीं किया है।
कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना
सरकार की ओर से जारी गजट नोटिफिकेशन पर देश की सबसे विपक्षी दल कांग्रेस की तीखी प्रतिक्रिया सामने आयी है। कांग्रेस ने मंगलवार को एक्स पोस्ट में लिखा, ‘नरेंद्र मोदी जनता से वसूली का नया प्लान लाए हैं। अब ₹2,000 से ऊपर के UPI पेमेंट पर सरकार वसूली करेगी। प्लान है कि ₹2,000 से ऊपर के हर UPI पेमेंट पर 0.5% चार्ज वसूला जाए, मतलब – अगर आपने ₹5,000 की खरीदारी की तो ₹25 का चार्ज लगेगा…. अगर ₹10,000 की खरीदारी की तो ₹50 वसूला जाएगा।’
विपक्षी पार्टी ने सोशल मीडिया पोस्ट में आगे कहा, ‘पहले UPI पेमेंट पूरी तरह फ्री था, लेकिन नरेंद्र मोदी से ये देखा नहीं गया और यहां भी वसूली का खेल शुरू कर दिया। मोदी का फंडा साफ है – जितना हो सके जनता को लूट लो और अपने मित्र की तिजोरी भरो। ये सरकार जनता की सरकार नहीं है, ये चंद उद्योगपतियों की सरकार है और नरेंद्र मोदी उनके एजेंट।’