पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपने पत्ते खोल दिए हैं। BJP ने नंदीग्राम से हसीरानी रथ और रेजीनगर से शाश्वर सरकार को उम्मीदवार बनाया है। नंदीग्राम से हसीरानी रथ को टिकट देना खास तौर पर चर्चा में है, क्योंकि वह मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पूर्व निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की मां हैं...
West Bengal, Byelection: पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपने पत्ते खोल दिए हैं। BJP ने नंदीग्राम से हसीरानी रथ और रेजीनगर से शाश्वर सरकार को उम्मीदवार बनाया है। नंदीग्राम से हसीरानी रथ को टिकट देना खास तौर पर चर्चा में है, क्योंकि वह मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पूर्व निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की मां हैं।
दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होना है, जबकि चुनाव के नतीजे 9 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। चुनाव आयोग ने 16 सितंबर तक नामांकन दाखिल करने की समयसीमा तय की है। ऐसे में उम्मीदवारों के ऐलान के साथ ही दोनों क्षेत्रों में चुनावी गतिविधियां और तेज होने की उम्मीद है।
नंदीग्राम में BJP ने क्यों चुना हसीरानी रथ का नाम?
हसीरानी रथ के बेटे चंद्रनाथ रथ शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक रहे थे। विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के दो दिन बाद 5 मई की रात उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम में चंद्रनाथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। ऐसे में BJP का हसीरानी रथ को नंदीग्राम से मैदान में उतारना राजनीतिक और भावनात्मक, दोनों नजरिए से अहम माना जा रहा है।
नंदीग्राम की सियासत पहले से ही शुभेंदु अधिकारी और तृणमूल कांग्रेस के बीच टकराव का बड़ा केंद्र रही है। 2021 में ममता बनर्जी ने इसी सीट से शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव लड़ा था। उस मुकाबले में ममता को हार का सामना करना पड़ा था।
इस बार फिर नंदीग्राम पर सबकी नजर
2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम के अलावा भवानीपुर सीट से भी चुनाव लड़ा और दोनों जगह जीत हासिल की। भवानीपुर में उन्होंने ममता बनर्जी को 15,105 वोटों से हराया। अधिकारी को 73,917 वोट मिले, जबकि ममता बनर्जी के खाते में 58,812 वोट आए। दोनों सीटों पर जीत के बाद शुभेंदु ने भवानीपुर सीट अपने पास रखी और नंदीग्राम विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इसी वजह से नंदीग्राम सीट पर उपचुनाव की स्थिति बनी।
TMC के भीतर की लड़ाई ने मुकाबले को बनाया दिलचस्प
उपचुनाव की तस्वीर सिर्फ BJP बनाम TMC तक सीमित नहीं है। तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहे सत्ता और संगठन के विवाद का असर भी इन दोनों सीटों पर दिखाई दे रहा है। रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने नंदीग्राम से मोहम्मद एतेशामुल हक और रेजीनगर से सफीउज्जमान शेख को उम्मीदवार बनाया है।
दूसरी ओर ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला गुट नंदीग्राम से संचिता प्रधान डे और रेजीनगर से पूर्व विधायक रबीउल आलम चौधरी को चुनाव मैदान में उतार चुका है। यानी दोनों सीटों पर TMC के ही दो गुट एक-दूसरे के सामने हैं।
‘जोड़ा घास फूल’ पर भी फंसा पेंच
TMC के दोनों गुट खुद को पार्टी का असली प्रतिनिधि बता रहे हैं और पार्टी के नाम के साथ ‘जोड़ा घास फूल’ चुनाव चिह्न पर अपना दावा कर रहे हैं। चुनाव आयोग ने दोनों पक्षों से अतिरिक्त दस्तावेज मांगे हैं। आयोग के सामने यह सवाल भी है कि आगामी उपचुनाव में पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न किस गुट को इस्तेमाल करने दिया जाए। 16 सितंबर तक दस्तावेज जमा करने की समयसीमा के बीच इस विवाद पर आयोग के फैसले का इंतजार है। जरूरत पड़ने पर आयोग 17 सितंबर को मामले पर आगे सुनवाई भी कर सकता है।