बिहार के गया जिले से गुप्त रूप से लापता हुई चार नाबालिग छात्राओं को पुलिस ने मुंबई से सही सलामत बरामद कर लिया है। एक ही गांव की निवासी ये चारों छात्राएं स्कूल जाने के दौरान करीब एक सप्ताह पहले लापता हो गई थीं। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन और तकनीकी सर्विलांस की मदद से इस मामले को सुलझाया है।
गया। बिहार के गया जिले से गुप्त रूप से लापता हुई चार नाबालिग छात्राओं को पुलिस ने मुंबई से सही सलामत बरामद कर लिया है। एक ही गांव की निवासी ये चारों छात्राएं स्कूल जाने के दौरान करीब एक सप्ताह पहले लापता हो गई थीं। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन और तकनीकी सर्विलांस की मदद से इस मामले को सुलझाया है।
परीक्षा फॉर्म भरने के बहाने निकली थीं घर से
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यह रहस्यमयी मामला गया जिले के वजीरगंज थाना क्षेत्र का है। बता दें कि 10वीं और 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली ये चारों सहेलियां 9 सितंबर 2026 को अपने घर से स्कूल का परीक्षा फॉर्म भरने की बात कहकर बाहर गईं थीं। इसके बाद जब वे देर शाम तक घर नहीं लौटीं, तो स्वजनों ने उनकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद भी कोई सुराग न मिलने पर परिजनों ने थाने में अपहरण की आशंका पर मामला दर्ज कराया था।
बंद मोबाइल के सिग्नल ने दिखाया रास्ता
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, छात्राओं के अचानक गायब होने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई। बता दें कि लापता छात्राओं में से एक के पास मोबाइल फोन था, जो घटना के बाद से लगातार बंद आ रहा था। पुलिस की तकनीकी टीम ने जब फोन के कॉल डिटेल रिकॉर्ड और आखिरी बार सक्रिय रहे नेटवर्क टावर की जांच की, तो कड़ियां एक—एक कर जुड़ती चली गईं। मोबाइल लोकेशन के जरिए पुलिस को पता चला कि चारों लड़कियां बिहार से बाहर निकलकर महाराष्ट्र पहुंच चुकी हैं।
मुंबई में पुलिस की दबिश, चारों सुरक्षित
जैसे ही लोकेशन ट्रेस हुआ वैसे ही बिहार पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। इसके बाद तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मुंबई पुलिस के सहयोग से एक विशेष टीम ने छापेमारी की और चारों छात्राओं को मुंबई से सकुशल बरामद कर लिया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, चारों लड़कियां पूरी तरह सुरक्षित हैं।
आगे की कार्रवाई में जुटी पुलिस
फिलहाल, गया पुलिस अब छात्राओं को वापस बिहार लाने की कानूनी प्रक्रिया में लगी हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लड़कियों के वापस लौटने के बाद कोर्ट में उनका 164 के तहत बयान दर्ज किया जाएगा। इसके बाद ही यह पूरी तरह साफ हो पाएगा कि छात्राएं खुद अपनी मर्जी से मुंबई गई थीं या उन्हें बहला-फुसलाकर वहां ले जाया गया था। फिलहाल, पुलिस इस मामले के हर एक पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है।