बदायूं में जमीन विवाद ने ऐसा तूल पकड़ा कि झोपड़ी में लगी आग अब सियासी और पुलिसिया सवालों के घेरे में है। जलती झोपड़ी के सामने खड़ी युवती शिवानी कश्यप ने पुलिस और लेखपाल पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि वह इस घटना का बदला लेगी।
Shivani Kashyap Viral Video: बदायूं के कादरचौक थाना क्षेत्र के लाभारी गांव में जमीन की पैमाइश को लेकर शुरू हुआ विवाद अब झोपड़ी में आग लगाने, वायरल वीडियो और पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गया है। घटना के बाद शिवानी कश्यप नाम की युवती का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसमें वह जलती हुई झोपड़ी के सामने पुलिस और राजस्व विभाग की टीम पर गंभीर आरोप लगाती दिखाई दे रही है।
वीडियो में युवती ने गुस्से में खुद को फूलन देवी की तरह बदला लेने की बात भी कही, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया। हालांकि, पुलिस ने युवती के आरोपों को खारिज करते हुए झोपड़ी में खुद आग लगाए जाने का दावा किया है।
पुलिस के अनुसार, लाभारी गांव में जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद चल रहा था। 29 सितंबर को नन्नी देवी की शिकायत पर राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जमीन की पैमाइश की थी। पुलिस का कहना है कि पैमाइश के बाद नन्नी देवी को संबंधित जमीन पर कब्जा दिलाया गया। अगले दिन उन्होंने वहां नींव भरवाने का काम शुरू कराया, लेकिन आरोप है कि दूसरे पक्ष ने नींव को उखाड़ दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद दोबारा बढ़ गया।
पुलिस का कहना है कि 1 अक्टूबर को राजस्व टीम पुलिस बल के साथ गांव पहुंची थी। इसी दौरान सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया गया। इसी बीच झोपड़ी में आग लगने की घटना सामने आई। घटना के बाद बनाए गए वीडियो में शिवानी कश्यप ने पुलिस और लेखपाल पर जबरन घर में घुसने और झोपड़ी में आग लगाने का आरोप लगाया।
इस मामले में हल्का लेखपाल की तहरीर पर कादरचौक थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें एक महिला को मुचलके पर छोड़ा गया, जबकि चार लोगों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की गई है।
वहीं, वीडियो सामने आने के बाद बदायूं से सपा सांसद आदित्य यादव ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने स्थानीय थाने के बजाय किसी दूसरे थाने की पुलिस से जांच कराने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि मामले में निर्दोष लोगों को भी फंसाया जा रहा है।
फिलहाल, जमीन की पैमाइश से शुरू हुआ विवाद अब आगजनी, वायरल वीडियो और पुलिस कार्रवाई तक पहुंच चुका है। युवती के आरोप और पुलिस के दावे एक-दूसरे से अलग हैं। ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति जांच और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।