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अजमेर में 36 साल बाद BJP को बड़ा झटका, कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी; निर्दलीय तय करेंगे अगला बोर्ड

अजमेर नगर निगम चुनाव के नतीजों ने शहर की सियासत में बड़ा उलटफेर कर दिया है। लंबे समय से नगर निगम पर काबिज भारतीय जनता पार्टी इस बार बहुमत से काफी दूर रह गई, जबकि कांग्रेस ने सबसे ज्यादा वार्ड जीतकर बढ़त बना ली। 80 वार्डों में कांग्रेस के 37 प्रत्याशी विजयी रहे हैं। BJP को 32 सीटें मिलीं, जबकि 11 वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की...

By Harsh 
Updated Date

अजमेर नगर निगम चुनाव के नतीजों ने शहर की सियासत में बड़ा उलटफेर कर दिया है। लंबे समय से नगर निगम पर काबिज भारतीय जनता पार्टी इस बार बहुमत से काफी दूर रह गई, जबकि कांग्रेस ने सबसे ज्यादा वार्ड जीतकर बढ़त बना ली। 80 वार्डों में कांग्रेस के 37 प्रत्याशी विजयी रहे हैं। BJP को 32 सीटें मिलीं, जबकि 11 वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की।

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किसी भी दल के पास बोर्ड बनाने के लिए जरूरी 41 पार्षदों का आंकड़ा नहीं है। ऐसे में अब अजमेर नगर निगम की सत्ता की चाबी उन 11 निर्दलीय पार्षदों के हाथ में पहुंच गई है। बोर्ड गठन के लिए कांग्रेस को चार और BJP को सात पार्षदों के समर्थन की जरूरत होगी। ऐसे में दोनों दल निर्दलीय पार्षदों को अपने पक्ष में करने की कोशिश करेंगे।

36 साल पुराना BJP का दबदबा टूटा

अजमेर में करीब तीन दशक से ज्यादा समय से नगर निगम बोर्ड पर BJP का दबदबा रहा है। इस बार के नतीजे इसलिए भी अहम हैं क्योंकि शहर में BJP के बड़े नेताओं की प्रतिष्ठा चुनाव से जुड़ी हुई थी। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी और विधायक अनिता भदेल के प्रभाव वाले क्षेत्र में पार्टी को कांग्रेस से पीछे रहना पड़ा।

पिछले निकाय चुनाव की तस्वीर इससे बिल्कुल अलग थी। तब BJP ने 48 वार्डों में जीत दर्ज की थी, जबकि कांग्रेस महज 18 सीटों पर सिमट गई थी। एक सीट RLP के खाते में गई थी और 13 निर्दलीय प्रत्याशी जीते थे। इस बार कांग्रेस की सीटों में बड़ा इजाफा हुआ है।

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वार्ड 59 में बड़ा उलटफेर

चुनाव परिणाम में वार्ड 59 भी खास चर्चा में रहा। यहां कांग्रेस की बबीता चौहान ने BJP की मधु शेखावत को शिकस्त दी। मधु शेखावत को पूर्व सभापति सुरेंद्र सिंह शेखावत की पत्नी होने के चलते मेयर पद की मजबूत दावेदारों में माना जा रहा था। वहीं वार्ड 4 में भी मुकाबला दिलचस्प रहा। कांग्रेस छोड़कर BJP में शामिल हुईं मोनिका जैन ने चुनाव जीत लिया।

इस बार अजमेर नगर निगम के 80 वार्डों में कुल 360 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था। अब नतीजे आने के बाद सबसे बड़ा सवाल बोर्ड गठन को लेकर है। कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बन चुकी है, लेकिन सत्ता तक पहुंचने के लिए उसे चार निर्दलीय पार्षदों का साथ जुटाना होगा। वहीं BJP को बहुमत के लिए सात निर्दलीयों की जरूरत है। ऐसे में आने वाले दिनों में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका सबसे अहम रहने वाली है।

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