राजस्थान के नगर निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर बढ़त बनाते हुए बड़ी संख्या में वार्डों पर कब्जा जमाया है। प्रदेश के 9,900 वार्डों के नतीजों में BJP ने 4,026 सीटें अपने नाम की हैं। कांग्रेस को 3,438 वार्डों में जीत मिली, कई निकायों में निर्दलीयों ने दोनों प्रमुख दलों को चुनौती देते हुए सबसे बड़े गुट के रूप में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है...
Rajasthan Nagar Nikay Election: राजस्थान के नगर निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर बढ़त बनाते हुए बड़ी संख्या में वार्डों पर कब्जा जमाया है। प्रदेश के 9,900 वार्डों के नतीजों में BJP ने 4,026 सीटें अपने नाम की हैं। कांग्रेस को 3,438 वार्डों में जीत मिली, कई निकायों में निर्दलीयों ने दोनों प्रमुख दलों को चुनौती देते हुए सबसे बड़े गुट के रूप में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है।
नगर परिषदों के परिणामों में भी अलग-अलग इलाकों में अलग तस्वीर देखने को मिली। कांग्रेस ने 10 नगर परिषदों में बहुमत हासिल किया है। इनमें झालावाड़, झुंझुनू, करौली, लालसोट, नीम का थाना, प्रतापगढ़, शाहपुरा (भीलवाड़ा), सीकर, सिरोही और टोंक शामिल हैं।
वहीं दौसा, धौलपुर, डीडवाना, गंगापुर सिटी, जालौर, खैरथल, कुचामन सिटी और शाहपुरा (जयपुर) में कांग्रेस सबसे बड़े दल के तौर पर सामने आई है।
9 नगर परिषदों में निर्दलीयों का जलवा
BJP और कांग्रेस के अलावा निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी कई जगह मजबूत प्रदर्शन किया है। बहरोड़, डीग, फतेहपुर, हनुमानगढ़, हिंडौन, कोटपूतली, मकराना, नागौर और तिजारा की नगर परिषदों में निर्दलीय सबसे बड़े गुट के रूप में उभरे हैं।
इससे साफ है कि स्थानीय निकाय चुनाव में कई जगह मतदाताओं ने प्रमुख राजनीतिक दलों के बजाय स्थानीय चेहरों पर भरोसा जताया है। अब इन निकायों में बोर्ड गठन के लिए निर्दलीयों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
बड़े नगर निगमों में किसका पलड़ा भारी?
नगर निगमों के नतीजों पर नजर डालें तो भी BJP कई बड़े शहरों में मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही है। भीलवाड़ा में पार्टी ने सभी 70 वार्डों में से 45 पर जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है। कांग्रेस को 10 और निर्दलीयों को 15 सीटें मिली हैं।
उदयपुर में भी BJP ने बड़ी जीत दर्ज की। 80 में से 53 वार्ड पार्टी के खाते में गए, जबकि कांग्रेस को 23, निर्दलीयों को 3 और CPI(M) को एक सीट मिली।
अलवर के सभी 65 वार्डों के परिणाम भी घोषित हो चुके हैं। यहां BJP ने 28, कांग्रेस ने 23, निर्दलीयों ने 13 और BSP ने एक सीट जीती।
बीकानेर में कांग्रेस ने बाजी पलटते हुए बहुमत हासिल किया है। पार्टी को 80 में से 42 वार्ड मिले हैं। BJP 27 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर रही, जबकि निर्दलीयों ने 10 और RLP ने एक वार्ड जीता।
अजमेर में भी कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनी है। यहां कांग्रेस को 37, BJP को 32 और निर्दलीयों को 11 सीटें मिली हैं। भरतपुर में निर्दलीयों का दबदबा रहा, जहां उन्होंने 65 में से 38 वार्ड जीत लिए। BJP को 20 और कांग्रेस को 7 सीटों से संतोष करना पड़ा। पाली में कांग्रेस 29 सीटों के साथ आगे रही, जबकि BJP ने 21 और निर्दलीयों ने 11 वार्ड जीते।
जयपुर में BJP ने बहुमत का आंकड़ा छुआ, जोधपुर में कांटे की टक्कर
राजधानी जयपुर नगर निगम के अब तक घोषित 130 वार्डों में BJP ने 69 सीटें जीत ली हैं। कांग्रेस के खाते में 50 और निर्दलीयों के खाते में 11 सीटें गई हैं। कुल 150 वार्डों में से 20 के परिणाम अभी बाकी हैं, लेकिन BJP पहले ही बहुमत का आंकड़ा पार कर चुकी है।
जोधपुर में मुकाबला बेहद करीबी रहा। 100 में से 99 वार्डों के नतीजे आ चुके हैं। BJP और कांग्रेस दोनों ने 44-44 सीटें जीती हैं, जबकि 11 वार्ड निर्दलीयों के खाते में गए हैं।
कोटा में अब तक 83 वार्डों के नतीजे सामने आए हैं। इनमें BJP ने 50, कांग्रेस ने 30 और निर्दलीयों ने 3 सीटें जीती हैं। 17 वार्डों के परिणाम अभी बाकी हैं।
सवाई माधोपुर नगर परिषद में BJP ने 33 वार्ड जीतकर बढ़त बनाई। कांग्रेस को 18 और निर्दलीयों को 9 सीटें मिलीं। वहीं चोमू नगर परिषद में BJP ने 30 वार्ड जीते, जबकि कांग्रेस के खाते में 12 और निर्दलीयों के हिस्से में 3 सीटें आईं।
दो चरणों में हुआ था चुनाव
राजस्थान के 309 नगर निकायों के लिए मतदान दो चरणों में कराया गया था। पहले चरण में 9 सितंबर को 162 निकायों में वोट पड़े, जबकि दूसरे चरण में 11 सितंबर को 147 निकायों के लिए मतदान हुआ।
इन चुनावों में कुल 10 नगर निगम, 51 नगर परिषद और 248 नगरपालिकाएं शामिल थीं। पहले चरण में 76.41 प्रतिशत और दूसरे चरण में 71.69 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। दोनों चरणों को मिलाकर प्रदेश में कुल मतदान प्रतिशत 74.05 रहा।
पहले चरण में अलवर, भरतपुर, बीकानेर और भीलवाड़ा समेत चार नगर निगमों के 5,393 पार्षद पदों के लिए चुनाव हुआ। इस चरण में 20 हजार से ज्यादा प्रत्याशी मैदान में थे।
दूसरे चरण में जयपुर, अजमेर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर और पाली समेत छह नगर निगमों में चुनाव हुआ। इस चरण में 4,774 वार्डों के लिए 18,266 उम्मीदवारों ने किस्मत आजमाई।
इन चुनाव परिणामों को राज्य की मौजूदा BJP सरकार के करीब ढाई साल के कामकाज से जोड़कर भी देखा जा रहा है। चुनाव से पहले BJP ने बड़े बहुमत की उम्मीद जताई थी, जबकि कांग्रेस लगातार सत्ता पक्ष के खिलाफ माहौल होने का दावा कर रही थी। अब सामने आए नतीजों ने स्थानीय राजनीति में दोनों दलों की स्थिति को लेकर नई तस्वीर पेश की है।