US Iran War : पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान ने अब गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी तमाम अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियों को निशाने पर लिया है। बीते 12 दिनों से जारी युद्ध के बीच ईरान ने बुधवार को बड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिकी टेक कंपनियों के दफ्तर और उनकी तकनीकी व्यवस्था भी अब हमलों के निशाने पर आ सकती है।
खबरों के अनुसार, Tasnim News Agency ने उन जगहों की एक लिस्ट जारी की है, जहां अमेरिकी टेक कंपनियों का इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इन कंपनियों की तकनीक का इस्तेमाल इजरायल की सैन्य गतिविधियों में किया जा रहा है, इसलिए इन जगहों को “ईरान के नए संभावित लक्ष्य” बताया गया है।
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पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुंचते हुए टेक सेवाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर पर पहुंचने लगा है। ईरान की इस चेतावनी ने युद्ध को केवल सैन्य संघर्ष से आगे बढ़ाकर टेक और आर्थिक इंफ्रास्ट्रक्चर की लड़ाई बना दिया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर ऐसा हुआ तो इसका असर पूरी दुनिया के टेक और फाइनेंशियल सिस्टम पर पड़ सकता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि जैसे-जैसे क्षेत्रीय युद्ध का दायरा बढ़ रहा है, वैसे-वैसे अब यह सिर्फ सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहकर इंफ्रास्ट्रक्चर युद्ध की तरफ बढ़ सकता है।
ईरान ने यह भी कहा है कि वो इलाके में अमेरिका और इजरायल से जुड़े आर्थिक केंद्रों और बैंकों को भी निशाना बना सकता है।