अम्बेडकरनगर। यूपी के अम्बेडकरनगर जिले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष रिंकल सिंह (Women Morcha district president Rinkal Singh) इन दिनों न्याय के लिए दर-दर भटक रही हैं। रिंकल सिंह का आरोप है कि गांव के कुछ लोंगों उनके परिवार पर हमला किया है। बल्कि आरोप है कि स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने भी मामले में पूरी तरह से अनदेखी कर रही है। अंततः उन्हें अपने छोटे बच्चे के साथ थाने के सामने धरने पर बैठने को मजबूर होना पड़ा। उन्हें न्याय पाने के लिए तीन दिन तक अलग-अलग जगहों पर धरना देना पड़ा।
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रिंकल सिंह का आरोप है कि गांव में स्थित एक सार्वजनिक तालाब पर कब्जे को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद उनके पति और परिवार पर हमला किया गया। आरोपियों के खिलाफ एफआईआर (FIR)दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। पीड़िता ने कई बार अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन हर जगह से निराशा ही हाथ लगी।
VIDEO-भैया मुझे न्याय दिला दो…बीजेपी महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष ने राज्यसभा सांसद बृजलाल से लगाई गुहार, पुलिस पर गंभीर आरोप pic.twitter.com/5YqSP2JbWT
— santosh singh (@SantoshGaharwar) June 27, 2025
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सांसद के पैरों में गिरकर लगाई न्याय की गुहार
रिंकल सिंह सब्र का बांध तब टूटा गया। जब राज्यसभा सांसद बृजलाल अम्बेडकरनगर पहुंचे थे। रिंकल सिंह न्याय की गुहार लेकर उनके पास पहुंचीं, लेकिन बात करते-करते वे भावुक हो गईं और फूट-फूटकर रोने लगीं। सांसद के पैरों में गिरकर उन्होंने न्याय की मांग की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है और इसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
सांसद के आश्वासन पर शांत हुई रिंकल
राज्यसभा सांसद बृजलाल के सामने बीजेपी महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष रिंकल सिंह मंच पर फफक कर रो पड़ी। उन्होंने मंच पर राज्यसभा सदस्य के पास पहुंचकर हाथ जोड़कर न्याय की मांग की। इस दौरान वे सांसद के पैरों में गिर गईं। इसके बाद वह बाहर सांसद के वाहन के सामने बैठ गई। कार्रवाई का आश्वासन देकर सांसद ने उन्हें शांत कराया।
जब अध्यक्ष को ही न्याय नहीं मिल रहा तो आम जनता का क्या होगा?
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हालांकि उस समय ये सब हो रहा था, इसी दौरान वहां मौजूद कार्यकर्ताओं ने न्याय दिलाने की बात कही। तो वहीं कुछ लोगों ने कहा कि जब अध्यक्ष को ही न्याय नहीं मिल रहा तो आम जनता का क्या होगा?
सीओ भीटी पर लगाए सबसे गंभीर आरोप
इस पूरे घटनाक्रम ने बीजेपी की आंतरिक गुटबाजी को भी उजागर कर दिया है। रिंकल सिंह ने साफ तौर पर कहाकि पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता उन्हें संगठन से बाहर करने की साजिश कर रहे हैं। उन्होंने जिला अध्यक्ष सहित कई पदाधिकारियों पर पक्षपात का आरोप लगाया और कहा कि राजनीतिक दबाव के चलते उन्हें संगठन से पूरी तरह अलग-थलग कर दिया गया है। सबसे गंभीर आरोप सीओ भीटी पर लगाए गए हैं।
सीओ ने किया दुर्व्यवहार
रिंकल का कहना है सीओ ने दुर्व्यवहार किया है। उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी भी दी। यह आरोप प्रशासनिक निष्पक्षता पर गहरे सवाल खड़े करते हैं। हालांकि पार्टी के अधिकांश नेता चुप्पी साधे हुए हैं, जबकि कुछ स्थानीय कार्यकर्ता और महिलाएं उनके समर्थन में सामने आई हैं। हालांकि जिलाध्यक्ष त्रयम्बक तिवारी ने गुटबाजी की बात से इनकार किया है। जबकि एडिशनल एसपी हरेंद्र ने बताया कि मामले में कार्रवाई चल रही है।
जानें क्या है पूरा मामला?
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महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष रिंकल सिंह का गांव के ही एक व्यक्ति से विवाद हुआ था। रिंकल अपने पैतृक गांव के एक तालाब पर हो रहे अवैध कब्जे का विरोध कर रही थी। रिंकल का आरोप है कि इससे नाराज आरोपियों ने उनसे गाली-गलौज की और पिस्टल निकालकर जाने से मारने की धमकी दी। उनको और पति संजय सिंह को लात-घूंसे मारे। उन्होंने पति के साथ पहुंचकर महरुआ थाने में तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराया।
बीजेपी की महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष के मुताबिक अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इससे नाराज रिंकल सिंह समर्थकों के साथ मंगलवार को महरुआ थाने में धरने पर बैठ गई थीं। उन्होंने पुलिस पर बीजेपी जिलाध्यक्ष से मिले होने के आरोप लगाए थे।