नई दिल्ली: केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री जुएल ओराम (Jual Oram) ने अपनी ही पार्टी के सहयोगियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। जुएल ओराम ने कहा कि पार्टी के कुछ नेताओं पर उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल (Union Cabinet) से हटवाने और उनकी राजनीतिक साख को नुकसान पहुंचाने के लिए साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है। उनके इस बयान से ओडिशा की राजनीति (Politics of Odisha) में खलबली मच गई।
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आपको बता दें कि यह पूरा विवाद केंद्रीय मंत्री के करीबी सहयोगी राकेश पासवान की गिरफ्तारी के बाद शुरू हुआ। ओडिशा के राउरकेला में एक संगठित अपराध के मामले में संलिप्तता के आरोप में पुलिस ने राकेश पासवान को हिरासत में लिया है। आरोप है कि राकेश पासवान ने एक सरकारी गेस्ट हाउस में अपराधियों को पनाह दी थी। हालांकि, पासवान ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। इस मामले पर जुएल ओराम ने पहले कहा था कि कानून को अपना काम करने देना चाहिए और कानूनी कार्यवाही में उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन इसके तुरंत बाद उन्होंने अपनी ही पार्टी के विरोधी गुट पर हमला बोल दिया।
केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम के कथित ‘हाथ काट देने’ वाले बयान पर गंभीर सवाल
केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता @jualoram के एक कथित बयान को लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक हलकों में सवाल उठ रहे हैं। मीडिया के सामने किसी व्यक्ति का ‘हाथ काट देने’ जैसी भाषा में उल्लेख किया… pic.twitter.com/ojJWlwgTls
— Surendra Barik (@barik_surendra) August 28, 2026
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‘मंत्री बनने की चाह में हो रही गुटबाजी’
सुंदरगढ़ लोकसभा सीट से छह बार सांसद रह चुके ओराम ने कहा कि पार्टी के कुछ नेता पैसा पानी की तरह बहा रहे हैं ताकि उन्हें बदनाम किया जा सके। उनका कहना था कि ये नेता सोचते हैं कि यदि उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल से बाहर कर दिया जाए, तो उन्हें मंत्री पद मिल जाएगा। ओराम ने यह भी घोषणा की कि इस राजनीतिक साजिश के बाद उन्होंने अपना मन बदल लिया है। उन्होंने बताया कि पहले उन्होंने अगला चुनाव न लड़ने का फैसला किया था, लेकिन अब मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए वे 2029 का लोकसभा चुनाव जरूर लड़ेंगे और अपने विरोधियों का सामना करेंगे।
मंत्री के विवादित बयान पर मचा बवाल
ओराम ने कहा कि वे इस बात की तह तक जाएंगे कि इस दुष्प्रचार के पीछे कौन लोग शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने ओडिशा भाजपा के संगठन महामंत्री से भी शिकायत की है। हालांकि, बातचीत के दौरान उनके एक विवादित बयान ने नया बखेड़ा खड़ा कर दिया। ओराम ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, उनमें उन लोगों के खिलाफ कठोर कदम उठाने और उनके हाथ काटने की क्षमता है।
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केंद्रीय मंत्री के तीखे बयान के बाद राज्य की राजनीति में आया भूचाल , विपक्ष ने साधा निशाना
केंद्रीय मंत्री के इस तीखे बयान के बाद राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है। मुख्य विपक्षी दल बीजू जनता दल (BJD) और कांग्रेस ने सत्तारूढ़ भाजपा को घेरना शुरू कर दिया है। बीजेडी नेता प्रमिला मलिक ने कहा कि ओराम राज्य के बड़े आदिवासी नेता हैं और उनका यह बयान साफ दिखाता है कि भाजपा में अंदरूनी मतभेद कितने गहरे हैं। पार्टी नेता जनता का काम करने के बजाय आपस में उलझे हुए हैं। वहीं, ओडिशा कांग्रेस के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने ओराम की भाषा को असंसदीय और कड़ा बताते हुए कहा कि हिंसक बयानों के लिए भारत के लोकतंत्र में कोई जगह नहीं है। गांधी के देश में इस तरह की बयानबाजी पार्टी की मानसिकता को दर्शाती है।