नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंगोला के राष्ट्रपति के साथ साझा प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने कहा, यह एक ऐतिहासिक पल है। 38 वर्षों के बाद अंगोला के राष्ट्रपति की भारत यात्रा हो रही है। उनकी इस यात्रा से न केवल भारत-अंगोला संबंधों को नई दिशा मिल रही है, बल्कि भारत-अफ्रीका साझेदारी को भी बल मिल रहा है। भारत और अंगोला अपनी राजनयिक साझेदारी की 40वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। हालांकि, हमारा रिश्ता बहुत पुराना है। जब अंगोला अपनी आजादी के लिए लड़ रहा था, तब भारत आस्था और मित्रता के साथ उसके साथ खड़ा था।
पढ़ें :- राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: सभी आरोपियों के ठिकानों पर पुलिस ने की छापेमारी, परिजनों से की पूछताछ
पीएम ने कहा, मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी है कि अंगोला की सेनाओं के आधुनिकीकरण के लिए 200 मिलियन डॉलर की डिफेन्स क्रेडिट लाइन को स्वीकृति दी गई है। रक्षा प्लेटफॉर्म्स के repair और overhaul और सप्लाई पर भी बात हुई है। अंगोला की सशस्त्र सेनाओं की ट्रेनिंग में सहयोग करने में हमें खुशी होगी। हम आतंकवादियों और उनका समर्थन करने वालों के खिलाफ़ दृढ़ और निर्णायक कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई में अंगोला के समर्थन के लिए आभार व्यक्त करते हैं।
उन्होंने आगे कहा, हम एकमत हैं कि आतंकवाद मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा है। पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए लोगों के प्रति राष्ट्रपति लोरेंसू और अंगोला की संवेदनाओं के लिए मैं उनका आभार व्यक्त करता हूं। 140 करोड़ भारतीयों की ओर से, मैं अंगोला को ‘अफ्रीकन यूनियन’ की अध्यक्षता के लिए शुभकामनाएं देता हूं। हमारे लिए यह गौरव की बात है कि भारत की G20 अध्यक्षता के दौरान ‘अफ्रीकन यूनियन’ को G20 की स्थायी सदस्यता मिली।