नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 (West Bengal Assembly Elections 2026) को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी दूसरी उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। इस लिस्ट में कुल 111 नाम शामिल हैं, जिससे साफ है कि पार्टी अब पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में उतर चुकी है। इस सूची में पार्टी ने अनुभव और नए चेहरों का संतुलन बनाने की कोशिश की है। राज्यसभा सांसद रूपा गांगुली (Rajya Sabha MP Roopa Ganguly) को भी मौका दिया गया है, जबकि केंद्रीय मंत्री निशीथ प्रमाणिक (Union Minister Nisith Pramanik) को मथाभांगा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। साथ ही सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) के परिवार से भी एक नाम शामिल कर बीजेपी (BJP) ने संगठन और स्थानीय समीकरणों को साधने का प्रयास किया है।
पढ़ें :- अगर बीजेपी बंगाल में भी नहीं जीतेगी तो हमारा चुनाव आयोग से भरोसा उठ जाएगा : कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार
भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए अपनी दूसरी सूची में निम्नलिखित उम्मीदवारों के नामों पर अपनी स्वीकृति प्रदान की। (2/2) pic.twitter.com/dwvaRvzyLB
— BJP (@BJP4India) March 19, 2026
पार्टी की ओर से जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, यह सूची केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में मंजूर की गई, जिसकी अध्यक्षता नितिन नवीन ने की। इस बैठक में नरेंद्र मोदी, राजनाथ सिंह और अमित शाह समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। उम्मीदवारों की बात करें तो पार्टी ने मेक्लिगंज से दधिराम राय, मदारीहाट से लक्ष्मण लिम्बु, धुपगुड़ी से नरेश चंद्र राय, मयनागुड़ी से कौशिक राय और जलपाईगुड़ी से अनंत देव अधिकारी को मैदान में उतारा है। इसके अलावा कलिम्पोंग से भरत छेत्री और दार्जिलिंग से नोमन राय को टिकट दिया गया है। अन्य सीटों पर भी पार्टी ने कई स्थानीय चेहरों को मौका दिया है। कर्सियांग से सोनम लामा, इटाहार से सबिता बर्मन, हरिशचंद्रपुर से रतन दास, बैष्णवनगर से राजू कर्माकर और फरक्का से सुनील चौधरी को उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं समसेरगंज से षष्ठी चरण घोष, रानीनगर से राणा प्रताप सिंह राय और नबग्राम से दिलीप साहा को भी टिकट मिला है।
पढ़ें :- TMC ने मतगणना के बीच उठाए सवाल- चुनाव आयोग सभी 293 बंगाल सीटों के रुझान जारी क्यों नहीं कर रहा है?
बीजेपी ने इस सूची में खास तौर पर उन सीटों पर फोकस किया है, जहां पिछली बार पार्टी मजबूत रही थी या जहां उसे इस बार जीत की उम्मीद ज्यादा है। जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों का चयन किया गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा वोटरों को साधा जा सके।
रिपोर्ट: हर्ष गौतम