पश्चिम बंगाल हिंसा: पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के मध्यग्राम से एक बेहद चौका देने वाली वारदात सामने आई है। बुधवार रात अज्ञात हमलावरों ने भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO) चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में डर और तनाव का माहौल बन गया है।
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जानकारी के मुताबिक, चंद्रनाथ रथ अपनी कार से कहीं जा रहे थे, तभी हमलावरों ने उनका पीछा शुरू कर दिया। दोहारिया इलाके में जैसे ही उनकी गाड़ी की रफ्तार धीमी हुई, हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि करीब चार राउंड गोलियां चलाई गईं, जिनमें से तीन सीधे उनके सिर में लगीं। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।
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PA of Suvendu Adhikari suffers a bullet injury in Madhyamgram and later succumbs. Further details are awaited.@SuvenduWB pic.twitter.com/ES5QUPJp2c
— Oxomiya Jiyori
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हमले में एक और घायल, इलाज जारी
इस हमले में एक अन्य व्यक्ति भी घायल हुआ है, जिसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल उसका इलाज जारी है। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि हमलावरों का मकसद सिर्फ चंद्रनाथ को निशाना बनाना था या यह बड़ा साजिशन हमला था।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज
इस हत्याकांड के बाद सियासत गरमा गई है। भाजपा ने सीधे तौर पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर हमला बोला है और इसे राजनीतिक हिंसा करार दिया है। नव निर्वाचित भाजपा विधायक तरुणज्योति तिवारी ने कहा कि पार्टी हमेशा शांति की बात करती रही, लेकिन इस घटना ने माहौल बिगाड़ दिया है।
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घटना के तुरंत बाद पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया। घटनास्थल के वीडियो में कार के शीशे गोलियों से टूटे हुए नजर आ रहे हैं, जिससे हमले की गंभीरता साफ झलकती है। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गए हैं और हमलावरों की पहचान के लिए आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
चुनाव के बाद हिंसा का सिलसिला जारी
पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद हिंसा की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। हालात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अब तक हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ के करीब 200 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। पुलिस ने 433 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि 1,100 से ज्यादा लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया है।मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने राज्य प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि हिंसा में शामिल लोगों पर तुरंत कार्रवाई की जाए। उन्होंने मुख्य सचिव, डीजीपी, कोलकाता पुलिस आयुक्त समेत सभी जिलों के अधिकारियों को लगातार गश्त बढ़ाने और हालात पर कड़ी नजर रखने को कहा है।
फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमले के पीछे असली वजह क्या थी और इसमें कौन-कौन शामिल हैं। इलाके में तनाव को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की और अप्रिय घटना को रोका जा सके।