RBI keeps policy rate unchanged : वेस्ट एशिया संकट के बीच RBI ने लगातार तीसरी बार पॉलिसी रेट में कोई बदलाव नहीं किया। उम्मीद के मुताबिक, रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने बुधवार को लगातार तीसरी बार मुख्य ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया। बैंक ने वेस्ट एशिया में चल रहे संकट की वजह से ऊर्जा की कीमतों में अनिश्चितता और सप्लाई में रुकावट के असर पर विचार किया।
RBI keeps policy rate unchanged : वेस्ट एशिया संकट के बीच रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने लगातार तीसरी बार पॉलिसी रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। यानी लोन की ईएमआई पर कोई असर नहीं होगा और ये जस की तस रहेंगी। बीते जून महीने में हुई रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की एमपीसी बैठक ने रेपो रेट को स्थिर रखा गया था और ये फिलहाल 5.25% पर बरकरार है।
आरबीआई ने वेस्ट एशिया में चल रहे संकट की वजह से ऊर्जा की कीमतों में अनिश्चितता और सप्लाई में रुकावट के असर पर विचार किया है। मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के लिए तीसरी द्वि-मासिक मॉनेटरी पॉलिसी का ऐलान करते हुए, आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) ने सर्वसम्मति से शॉर्ट-टर्म लेंडिंग रेट, यानी रेपो रेट को न्यूट्रल रुख के साथ 5.25 प्रतिशत पर बनाए रखने का फैसला किया है।
ब्याज दरों में यह ठहराव तब आया है जब कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) पर आधारित हेडलाइन रिटेल महंगाई दर जून में 4.38 प्रतिशत तक पहुँच गई है, जो RBI के 4 प्रतिशत के मीडियम-टर्म टारगेट से ज़्यादा है। हालांकि, आरबीआई ने मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के लिए ग्रोथ का अनुमान थोड़ा बढ़ाकर 6.7 प्रतिशत कर दिया है, जबकि महंगाई का अनुमान घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया है।