नई दिल्ली। पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे आ गए हैं। पश्चिम बंगाल में भाजपा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए ममता बनर्जी की सरकार को सत्ता से बेदखल कर दिया है। भाजपा की इस जीत के पीछे कई बड़े चेहरे हैं, जिनकी मेहनत ने बंगाल में टीमएसी से सत्ता छीन लिया। दरअसल, गृहमंत्री अमित शाह बंगाल में चुनाव के दौरान लगातार वहां डेरा डाले रहे और पूरी रणनीति तैयार करते रहे। इसका असर वहां पर दिख भी रहा था। भाजपा कार्यकर्ता काफी उत्साहित थे। वो पहले चरण के चुनाव के बाद से दावा कर रहे थे कि भाजपा पहले चरण में 110 सीटें जीत रहीं हैं। अब चुनाव परिणाम में भी ये साफ दिख रहा है।
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करीब दो सप्ताह बंगाल में रहे गृहमंत्री
बता दें कि, बंगाल चुनाव के दौरान गृहमंत्री अमित शाह करीब दो सप्ताह वहां पर रहे। उन्होंने समन्वय किया और आवश्यक निर्देश दिए। रणनीति को ज़मीन पर उतारने के लिए लगातार संगठन की बैठकें कीं। वे देर रात तक पार्टी नेताओं के साथ बैठक कर उन्हें गाइड करते थे और दिन में रैलियों और रोड शो के माध्यम से प्रचार करते थे। उन्होंने प. बंगाल में पचास से भी अधिक रैलियां और रोड शो किए। इस दौरान उन्होंने घुसपैठिया को बाहर करने समेत कई अहम मुद्दे उठाए थे, जिसका असर चुनाव में भी दिखा।
भूपेंद्र यादव ने भी संभाली थी कमान
गृहमंत्री अमित शाह के साथ ही भूपेंद्र यादव ने भी बंगाल चुनाव में कमान संभाली थी। भूपेंद्र यादव ने बंगाल चुनाव के दौरान माइक्रो-मैनेजमेंट पर ध्यान दिया। बूथ पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करते रहे, जिसका नतीजा अब परिणाम में साफ दिख रहा है।
सुनील बंसल ने निभाई अहम भूमिका
भाजपा के दिग्गज नेता सुनील बंसल ने पश्चिम बंगाल चुनाव में अपनी अहम भूमिका निभाई। इन्होंने पूरे चुनाव के दौरान जमीन पर काम किया और कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाते रहे। इसके साथ ही, ‘पन्न प्रमुखों’ की फौज खड़ी करते रहे। उनका मुख्य ध्यान टीएमसी के ‘कैडर-आधारित’ तंत्र का मुकाबला करने के लिए बीजेपी का अपना एक मजबूत और अनुशासित संगठन तैयार करने पर था।