MI’s Biggest Defeat : वानखेड़े स्टेडियम में गुरुवार को खेले गए आईपीएल के 33वें मैच में चेन्नई सुपर किंग्स ने मुंबई इंडियंस को 103 रनों बुरी तरह हराया है। यह रनों के अंतर से मुंबई की अब तक की सबसे शर्मनाक हार है, जो उन्हें कई सालों तक चुभने वाली है। वहीं, सीएसके के खिलाफ मिली हार का ठीकरा कप्तान हार्दिक पांड्या ने अपने सलामी बल्लेबाजों पर फोड़ा है। पांड्या का कहना है कि उनकी टीम को पावरप्ले में जैसी शुरुआत की जरूरत थी वो मिल नहीं सकी।
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आईपीएल 2026 में पांचवीं हार के बाद मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पांड्या ने कहा, “मुझे लगता है कि पावरप्ले में, शुरुआती विकेट गंवाना हमेशा मुश्किल होता है। आप हमेशा मैच में पिछड़ते रहते हैं और उसके बाद हम संभल नहीं पाए।” क्या पिच में कोई बदलाव आया था? इस सवाल पर पांड्या ने कहा, “मैं ऐसा नहीं कहूंगा। मैं ऐसा कहने वालों में से नहीं हूं। उन्होंने अच्छी बैटिंग की, उन्होंने 207 रन बनाए। पिच वही थी, मिट्टी भी वही थी। हमें बस अच्छी बैटिंग करनी चाहिए थी।”
क्या स्पिनरों को गेंद पर अच्छी पकड़ मिली, है ना? इस मुंबई के कप्तान ने कहा, “हां, मुझे लगता है कि हमारे स्पिनरों ने भी काफी अच्छी बॉलिंग की। बस बात यह है कि संजू ने ज़बरदस्त पारी खेली। साथ ही, उनके बैट्समैन लगातार आते रहे और थोड़ा-थोड़ा योगदान देते हुए टीम को एक अच्छे स्कोर तक पहुंचाया। मुझे लगता है कि उस पिच के हिसाब से यह स्कोर काफी अच्छा था। इस स्कोर का पीछा करने के लिए, हमें एक अच्छे पावरप्ले की ज़रूरत थी और मोमेंटम हमारे पक्ष में होना चाहिए था, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया।”
क्या आने वाले मैचों में टीम में और बदलाव होंगे? इस सवाल के जवाब में पांड्या ने कहा, “मुझे लगता है कि इस बारे में हम फिर से चर्चा करेंगे, आगे की रणनीति बनाएंगे और तय करेंगे कि हमें क्या करना है। हमारे पास कुछ दिन हैं। हमें बस यह देखना है कि हम सबसे अच्छा क्या कर सकते हैं।”
बता दें कि गुरुवार शाम को खेले गए इस मैच में मुंबई इंडियंस ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था। जिसके बाद चेन्नई सुपर किंग्स ने संजू सैमसन की 101 रनों की नाबाद पारी के बदौलत 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 207 रन लगा दिये थे। जिसके जवाब में मुंबई इंडियंस 19 ओवर में 104 रन पर ढेर हो गयी। इस दौरान मेजबान टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने 11 रन पर तीन विकेट गंवा दिये थे। जिसके बाद तिलक वर्मा और सूर्य कुमार यादव ने मिलकर टीम के स्कोर 84 रन तक पहुंचाया। लेकिन तिलक के आउट होते ही विकेटों का पतन शुरू हो गया।